भारत-ब्राजील समझौता: क्रिटिकल मिनरल्स से AI तक नई साझेदारी

भारत-ब्राजील समझौता: क्रिटिकल मिनरल्स से AI तक नई साझेदारी

भारत और ब्राजील ने क्रिटिकल मिनरल्स, AI और अन्य क्षेत्रों में समझौते किए। यह साझेदारी व्यापार बढ़ाएगी और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगी। मोदी-लूला बैठक से निकला ऐतिहासिक कदम।

नई दिल्ली: 21 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की मुलाकात बहुत महत्वपूर्ण थी। इस मुलाकात से भारत और ब्राजील के संबंधों को नई मजबूती मिली।

उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों से दुनिया भर में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।

वैश्विक सप्लाई चेन में नया मोड़

यह समझौता दुनिया की सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाने का बड़ा कदम है। ब्राजील में लिथियम, निकल, नियोबियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार हैं, जो दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनलों, स्मार्टफोन और रक्षा उपकरणों में किया जाता है।

भारत, जो पहले चीन पर अधिक निर्भर था, अब अपनी जरूरतें खुद पूरी करने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को “मजबूत सप्लाई चेन का आधार” बताया है। इस समझौते से दोनों देश मिलकर खनन, प्रोसेसिंग और अनुसंधान करेंगे, जो हरित प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र में क्रांति लाएगा।

AI और डिजिटल सहयोग पर फोकस

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस में सहयोग वास्तव में सबसे रोचक पहलू है। दोनों पक्षों ने “डिजिटल पार्टनरशिप फॉर द फ्यूचर” पर हस्ताक्षर किए हैं। लूला ने भारत एआई समिट 2026 में एआई गवर्नेंस के विषय पर चर्चा की। भारत का एआई मिशन और स्टार्टअप्स ब्राज़ील के साथ साझा किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एआई-स्मार्ट अस्पतालों के लिए निर्यात में वृद्धि होगी।

व्यापार और अन्य क्षेत्रों में बढ़त

मोदी और लूला ने दस से अधिक समझौतों पर सहमति दी है, जिनमें व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, स्वास्थ्य, छोटे और मध्यम उद्योग, और आतंकवाद विरोधी प्रयास शामिल हैं। ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा साझीदार है। दोनों देशों ने MERCOSUR- भारत व्यापार समझौते को मजबूत करने पर चर्चा की। अगले पांच वर्षों में, वे व्यापार को बीस अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं। मोदी ने कहा, “यह व्यापार समझौता हमारे विश्वास की नींव है।”

वैश्विक भूमिका और आर्थिक फायदे

इस साझेदारी से ब्राजील और भारत दोनों की आवाज BRICS, G20 और UN में मजबूत होगी। संयुक्त राष्ट्र सुधार और बहुपक्षवाद पर दोनों देश एकजुट होंगे। भारत की आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलेगा। Embraer की भारत में विनिर्माण पहले से ही चल रही है, और फार्मास्यूटिकल्स में सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण के लिए स्थायी खनन और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर दिया जाएगा।

यह 21 फरवरी 2026 की बैठक भारत और ब्राजील के बीच के रिश्तों में एक नया मोड़ लेकर आई है। क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) से लेकर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) तक किए गए समझौते व्यापार को बढ़ावा देंगे और सप्लाई चेन, तकनीकी अंतर, और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से लड़ने में मददगार साबित होंगे। यह दक्षिण-दक्षिण सहयोग का एक शानदार उदाहरण है, जो दुनिया में संतुलन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *