डॉ. पॉल ने सार्वजनिक धन के उपयोग और निर्णय प्रक्रिया पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: एक वीडियो बयान में डॉ. के. ए. पॉल ने तेलंगाना सरकार के उस निर्णय की निंदा की, जिसमें 8–9 दिसंबर को होने वाले समिट में टोनी ब्लेयर को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। उन्होंने इसे जनता के संसाधनों के अनुचित उपयोग के रूप में देखा।
अपने संबोधन में डॉ. पॉल ने टोनी ब्लेयर को एक अत्यंत विवादित वैश्विक नेता — यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं — बताया और आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण इराक समेत कई मुस्लिम देशों एवं विश्वभर में बड़े पैमाने पर जनहानि हुई। उनका कहना था कि ऐसे रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को भारत में सम्मानित करना उचित नहीं है और यह करदाताओं के सम्मान के विपरीत है।
डॉ. पॉल ने भारतीयों, विशेषकर तेलुगु समुदाय से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर टोनी ब्लेयर, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और मीडिया संस्थानों को टैग कर अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति व्यक्त करने और इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि यह कदम हैदराबाद की प्रतिष्ठा की रक्षा और सार्वजनिक निर्णयों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
वैश्विक शांति और मानवीय कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. के. ए. पॉल अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी स्पष्ट टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उनका यह नया बयान भी उसी क्रम का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने राज्य और राष्ट्र की छवि तथा सार्वजनिक धन के जिम्मेदार उपयोग को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर बल दिया है।
