मानसून के दौरान मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में केमिकल प्रोडक्ट्स की जगह अपनाएं सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय, जानें आसान घरेलू टिप्स और विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए बचाव के तरीके।
नई दिल्ली: देश में बीते साल डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी थी। अक्टूबर 2025 में ही हजारों नए केस सामने आए, वहीं पूरे साल आंकड़ा काफी ऊंचा रहा। चिकनगुनिया के मामलों में भी कई राज्यों में अलर्ट जारी करना पड़ा। हालांकि मलेरिया के मामलों में गिरावट देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान पानी जमा होने की वजह से इन बीमारियों का खतरा फिर बढ़ सकता है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खास बात यह है कि इस बार जोर रासायनिक मच्छर भगाने वाले उत्पादों की बजाय प्राकृतिक और सुरक्षित उपायों पर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू और प्राकृतिक तरीके न सिर्फ असरदार हैं, बल्कि इनसे किसी तरह का साइड इफेक्ट या प्रदूषण भी नहीं होता।
घर में अपनाएं आसान और प्राकृतिक उपाय
मच्छरों से बचाव के लिए कई ऐसे घरेलू तरीके हैं, जिन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है।
- एसेंशियल ऑयल्स का इस्तेमाल- स 8-10 बूंदें पानी की स्प्रे बोतल में मिलाकर घर के कोनों, दरवाजों और खिड़कियों पर छिड़कें या फिर डिफ्यूज़र में इस्तेमाल करें।
- कपूर से बचाव- कपूर की गोलियां या टुकड़े घर में रखने से उनकी तेज़ महक मच्छरों को दूर भगाती है। दरवाजे-खिड़कियां बंद कर 15-20 मिनट कपूर जलाएं तो मच्छर पूरी तरह गायब हो जाते हैं।
- लहसुन स्प्रे- लहसुन में मौजूद सल्फर मच्छरों के लिए जहरीला होता है। 4-5 कलियां कुचलकर पानी में उबालें, ठंडा करें और स्प्रे बोतल में भरकर पूरे घर में छिड़काव करें। यह न सिर्फ मच्छर भगाता है बल्कि घर की हवा को भी शुद्ध करता है।
- मच्छर भगाने वाले पौधे- घर के आसपास या बालकनी में गेंदा, तुलसी, लैवेंडर, लेमनग्रास, पुदीना और रोजमेरी के पौधे लगाएं। ये पौधे न सिर्फ मच्छरों को दूर रखते हैं बल्कि हवा को तरोताजा भी करते हैं।
- नींबू-लौंग ट्रिक- एक नींबू को आधा काटकर उसमें 8-10 लौंग चुभा दें और कमरे के अलग-अलग कोनों में रख दें। लौंग की महक मच्छरों को दूर रखती है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे जरूरी है पानी को कहीं जमा न होने देना। कूलर, गमले, टायर या छत पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। मच्छरदानी का उपयोग और शाम के समय खिड़कियां बंद रखना भी मददगार होता है।
बाहर जाते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाना भी जरूरी है, खासकर सुबह और शाम के समय जब मच्छरों की सक्रियता ज्यादा होती है।
क्यों जरूरी है सतर्कता?
जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है, जिससे मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। ऐसे में सिर्फ इलाज पर निर्भर रहने के बजाय समय रहते बचाव करना ज्यादा जरूरी हो गया है।
इस मानसून में थोड़ी सी सावधानी और प्राकृतिक उपाय अपनाकर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी यही सलाह है कि रोकथाम पर ध्यान दें और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, ताकि पूरा परिवार सुरक्षित रह सके।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह या उपचार का विकल्प न समझें। Jankiawaaz इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
