रणवीर सिंह की कांतारा दैव कॉन्ट्रोवर्सी पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले…..

रणवीर सिंह की दैव कॉन्ट्रोवर्सी पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले…..

रणवीर सिंह की कांतारा दैव कॉन्ट्रोवर्सी पर आखिरकार ऋषभ शेट्टी का बयान सामने आया है। जानिए उन्होंने क्या कहा और क्यों यह मामला फिर चर्चा में है।

कुछ हफ्ते पहले IFFI के मंच पर रणवीर सिंह की एक परफॉर्मेंस अचानक विवाद का कारण बन गई थी, कांतारा फिल्म में दिखाए गए दैव (दैवीय परंपरा) के एक सीक्वेंस की नकल को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं, कई लोगों ने इसे आस्था और संस्कृति से जुड़ी परंपरा का अपमान बताया, जिसके बाद रणवीर सिंह को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी अब, जब यह मामला शांत होता नजर आ रहा था, तब कांतारा के निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने पहली बार इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखी है, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह की जमकर आलोचना हुई थी, लोगों का कहना था कि दैव कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि एक पवित्र लोक परंपरा है, जिसका मज़ाक उड़ाना ठीक नहीं, बढ़ते विरोध को देखते हुए रणवीर सिंह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।

अब इस पूरे मामले पर कांतारा के निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है, हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में ऋषभ ने साफ शब्दों में कहा कि दैव जैसी परंपराएं सिर्फ किसी फिल्म या परफॉर्मेंस का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि ये लोगों की गहरी आस्था और विश्वास से जुड़ी होती हैं, उनका कहना है कि इन परंपराओं को समझे बिना उनकी नकल करना या उन्हें हल्के अंदाज़ में पेश करना सही नहीं है। ऋषभ शेट्टी ने यह भी बताया कि जब इस तरह की पवित्र परंपराओं को मंच पर मज़ाक या प्रदर्शन की तरह दिखाया जाता है, तो यह उन्हें व्यक्तिगत रूप से असहज करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी सांस्कृतिक परंपराओं के साथ संवेदनशीलता और सम्मान जरूरी है, ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।

ऋषभ शेट्टी ने यह भी साफ किया कि उनका बयान किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी को निशाना बनाने का नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को सही तरह से समझने और उनका सम्मान करने का है। उनके अनुसार, ऐसी परंपराएं लोगों की आस्था से जुड़ी होती हैं, इसलिए उनके साथ संवेदनशीलता बरतना बहुत जरूरी है, कांतारा से जुड़े इस पूरे विवाद पर ऋषभ शेट्टी ने अपनी प्रतिक्रिया Behindwoods Gold Medal Ceremony के दौरान दी।

ऋषभ ने आगे कहा कि कांतारा फिल्म बनाने का उद्देश्य भी यही था कि दैव परंपरा और उससे जुड़ी संस्कृति को सही और सम्मानजनक तरीके से लोगों के सामने रखा जाए, उनका मानना है कि जब ऐसी परंपराओं को समझकर दिखाया जाता है, तभी उनका असली महत्व लोगों तक पहुंच पाता है।

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