Gold and Silver Rate: रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद सोना-चांदी पर सबकी नजर, क्या अब निवेश का सही वक्त?

Gold and Silver Rate: रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद सोना-चांदी पर सबकी नजर, क्या अब निवेश का सही वक्त?

MCX पर सोना और चांदी रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं। वैश्विक संकेतों और सेफ हेवन डिमांड से बाजार में तेजी, जानिए निवेश के लिहाज से आगे क्या रणनीति हो सकती है।

नई दिल्ली: भारतीय कमोडिटी बाजार में आज सोने और चांदी ने पूरी तरह से सुर्खियां बटोर लीं। MCX पर इन दोनों कीमती धातुओं की तेज़ रफ्तार ने कारोबार के दौरान निवेशकों में जोश भी पैदा किया और सतर्कता भी बढ़ाई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती चाहत ने सोना-चांदी को रिकॉर्ड के करीब पहुंचा दिया।

सोने ने फिर बदली चाल

MCX पर अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने ने तेज शुरुआत करते हुए 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार शुरू किया। कुछ ही घंटों में इसमें और तेजी आई और भाव 1.52 लाख रुपये के करीब पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, यह तेजी सिर्फ तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में सोने को ‘सेफ हेवन’ मानने की धारणा से भी जुड़ी हुई है।

चांदी में ज्यादा जोश, रिकवरी ने चौंकाया

इस सत्र में चांदी ने सोने की तुलना में कहीं ज्यादा तेज़ चाल दिखाई। मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने मजबूत शुरुआत की और कारोबार बढ़ने के साथ इसमें लगभग 13 प्रतिशत तक की उछाल देखने को मिली। इसके चलते चांदी के दाम 2.82 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गए। हालिया तेज गिरावट के बाद आई यह मजबूती बाजार की धारणा को संभालने वाली मानी जा रही है।

वैश्विक संकेतों ने बढ़ाया भरोसा

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं का दबदबा साफ नजर आया है। सोने की कीमतों में नवंबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। चांदी में भी दो अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जिसने ग्लोबल ट्रेंड को घरेलू बाजार तक मजबूती से पहुंचाया।

घरेलू सर्राफा बाजार में हलचल

IBJA के आंकड़ों के अनुसार, देश में सोने के भाव 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर निकल चुके हैं, जबकि चांदी 2.80 लाख रुपये प्रति किलो के पार कारोबार कर रही है। इन ऊंचे दामों के चलते जहां निवेशक लॉन्ग-टर्म पोजीशन बनाने की सोच में हैं, वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले लोग फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

आगे की राह क्या कहती है?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मौजूदा तेजी वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर की चाल से जुड़ी हुई है। हालांकि, इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले सत्रों में यह देखा जाएगा कि क्या सोना-चांदी इन ऊंचे स्तरों पर टिक पाते हैं या बाजार कुछ ठहराव के बाद नई दिशा पकड़ता है।

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