नई बिहार सरकार का बड़ा फैसला,विभागों से खुली सरकार की रणनीति

नई बिहार सरकार का बड़ा फैसला,विभागों से खुली सरकार की रणनीति

पटना: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद आज पहली बार आधिकारिक रूप से तय किया गया कि कौन सा मंत्री कौन सा विभाग संभालेगा। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने आज एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की, जिसमें मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्रियों — श्री विजय कुमार चौधरी तथा श्री विजेंद्र प्रसाद यादव — को विभागों का विस्तृत बंटवारा किया गया है।

यह अधिसूचना फाइल नंबर सं0-3/सी0एस0/एम0/मो0नि0-01/2026/3832 के तहत जारी हुई है और इसे बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने राज्यपाल के आदेश पर हस्ताक्षरित किया है। यह आवंटन बिहार के संविधान के अनुच्छेद 166(3) तथा नियम 6(1) एवं 7(1) के तहत किया गया है।सबसे ध्यान खींचने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सत्ता की सबसे अहम चाबियां — गृह, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, विधि और पथ निर्माण जैसे विभाग — खुद अपने पास रखे हैं।

https://state.bihar.gov.in/csd/cache/3/15-Apr-26/SHOW_DOCS/3872026.pdf

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को कुल 29 प्रमुख विभाग सौंपे गए हैं। इसके अलावा एक अहम प्रावधान यह भी किया गया है कि जो भी विभाग किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं हैं, वे स्वतः मुख्यमंत्री के पास रहेंगे। इससे यह साफ है कि सरकार का पूरा ढांचा मुख्यमंत्री कार्यालय के इर्द-गिर्द बुना गया है।

मुख्यमंत्री के पास आवंटित विभागों में शामिल हैं:

  • प्रशासन एवं कानून-व्यवस्था: सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, विधि
  • राजस्व एवं संसाधन: राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, गन्ना उद्योग, सहकारिता
  • नागरिक सेवाएं एवं बुनियादी ढांचा: नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज
  • कृषि एवं ग्रामीण संसाधन: कृषि, लघु जल संसाधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
  • उद्योग एवं रोजगार: उद्योग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी
  • स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण: स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण
  • संस्कृति, खेल एवं पर्यटन: पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल, मत्स्य एवं पशु संसाधन

इस तरह मुख्यमंत्री के पास राज्य का प्रशासनिक, सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक — लगभग हर बड़ा मोर्चा है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी

उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी को 10 विभाग सौंपे गए हैं, जो मुख्य रूप से विकास और जनकल्याण से जुड़े हैं। उनके पास निम्नलिखित विभाग हैं:

  • जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-सम्पर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यटन और उच्च शिक्षा।
  • शिक्षा और उच्च शिक्षा — दोनों एक ही उपमुख्यमंत्री के पास रखना एक सोची-समझी रणनीति दिखती है। बिहार में शिक्षा व्यवस्था लंबे समय से सुधार की मांग करती रही है। ग्रामीण विकास और जल संसाधन भी उनके पास होने से यह स्पष्ट है कि उन पर बिहार के ग्रामीण और कृषि-सिंचाई क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी है।

उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव

उपमुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभाग सौंपे गए हैं, जिनमें राज्य की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले विभाग शामिल हैं:

  • ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य।
  • वित्त और वाणिज्य-कर जैसे दो सबसे संवेदनशील विभाग एक ही हाथ में होना यह दर्शाता है कि सरकार राजकोषीय नीतियों में एकरूपता चाहती है। ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास है, जो बिहार में बिजली आपूर्ति सुधार के लिहाज से बेहद अहम है।

अधिसूचना की प्रमुख प्रशासनिक बातें

यह अधिसूचना पूरी तरह आधिकारिक और राज्यपाल के आदेश से अधिकृत है। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत के हस्ताक्षर के साथ अपर सचिव श्री अखिलेश कुमार सिंह ने भी संबंधित प्रतिलिपियां प्रमाणित की हैं।
इस अधिसूचना की प्रतियां निम्नलिखित को भेजी गई हैं — सभी मंत्री एवं उनके निजी सचिव, सभी प्रमुख सचिव और सचिव, बिहार विधान सभा सचिवालय, बिहार विधान परिषद सचिवालय, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय।

क्या कहता है यह विभाग बंटवारा?

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर से देखें तो इस विभाग आवंटन में कुछ बातें साफ उभरकर आती हैं।

  • पहली — मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सत्ता का केंद्रीकरण किया है। गृह, विधि, कृषि और उद्योग जैसे विभाग अपने पास रखकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि नीति निर्माण की असली कमान उनके हाथ में रहेगी।
  • दूसरी — दोनों उपमुख्यमंत्रियों को विकास और सेवाओं से जुड़े विभाग दिए गए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर काम करने की उनकी जिम्मेदारी तय होती है।
  • तीसरी — बिहार सरकार का यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम नई सरकार की प्राथमिकताओं का आईना है।

अब देखना यह होगा कि इस ढांचे के तहत बिहार की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ती है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के लोगो के भरोशे पे खड़े उतारते है यह नहीं।

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