पढ़ाई, नृत्य और आत्मविश्वास — कैसे उत्थान एजुकेशन सेंटर बदल रहा है रंगपुरी की बेटियों की जिंदगी

कैसे उत्थान एजुकेशन सेंटर बदल रहा है रंगपुरी की बेटियों की जिंदगी

रंगपुरी की इंदर कैंप झुग्गी बस्ती में तीन साल से चल रहा उत्थान एजुकेशन सेंटर बेटियों को स्कूल से जोड़ने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दे रहा

नई दिल्ली: दिल्ली की रंगपुरी झुग्गी बस्ती में रहने वाली बेटियों के लिए शिक्षा अब सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि रोज की हकीकत बन चुकी है। इसकी वजह है डॉ. एम. एल. अग्रवाल एजुकेशनल एंड रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा चलाया जा रहा उत्थान एजुकेशन सेंटर, जो बीते तीन वर्षों से इंदर कैंप की बच्चियों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है।

6 से 14 वर्ष की उम्र की करीब 20 बच्चियां आज इस केंद्र से जुड़ी हैं। स्थानीय समुदाय से ही नियुक्त शिक्षिका और एक समन्वयक की मदद से बस्ती में उपलब्ध कराए गए विशेष कक्ष में बच्चियां नियमित रूप से पढ़ाई करती हैं।

सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। स्कूल न जाने वाली बच्चियों का दाखिला करवाने से लेकर, नृत्य, खेल और हस्तकला जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने तक — उत्थान हर पहलू पर काम कर रहा है।

हाल ही में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बच्चियों को सम्मानित किया गया। समारोह में बच्चियों की नृत्य प्रस्तुतियों में से एक ने सोशल मीडिया के जिम्मेदार और संतुलित इस्तेमाल का संदेश भी दिया — यह दिखाता है कि केंद्र बच्चियों को आज के डिजिटल दौर के लिए भी तैयार कर रहा है।

कार्यक्रम में ट्रस्टी डॉ. रवि अग्रवाल और श्रीमती अंजू अग्रवाल के अलावा डॉ. विशाल कौरा अग्रवाल, डॉ. राघव अग्रवाल और समाजसेविका अंजलि शर्मा भी शामिल हुईं और बच्चियों का उत्साहवर्धन किया।

उत्थान एजुकेशन सेंटर जैसी पहल यह साबित करती है कि सही सहयोग और मार्गदर्शन मिलने पर झुग्गी बस्तियों की बेटियां भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं और आत्मविश्वास से भरा भविष्य गढ़ सकती हैं।

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