दिनभर थकान और सुस्ती से परेशान हैं? जानिए इसके कारण और डाइट में शामिल करें ऐसे फूड्स जो शरीर को दें भरपूर एनर्जी और एक्टिव बनाए रखें।
17 मार्च 2026, नई दिल्ली।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग दिनभर थकान और कमजोरी महसूस करने की शिकायत करते हैं। ऑफिस में लंबे समय तक काम करने के बाद आंखें भारी लगने लगती हैं, थोड़ा-सा काम करने पर ही शरीर थका हुआ महसूस होता है और शाम तक ऊर्जा लगभग खत्म हो जाती है। यह समस्या अब केवल कुछ लोगों तक सीमित नही रही, बल्कि बड़ी संख्या में कामकाजी लोग, छात्र और गृहिणियां भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार थकान महसूस होने के पीछे केवल व्यस्त दिनचर्या जिम्मेदार नहीं होती, बल्कि इसका सीधा संबंध हमारी डाइट और जीवनशैली से भी होता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अगर खान-पान संतुलित न हो, शरीर को पर्याप्त पानी न मिले या जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाए, तो शरीर जल्दी थकने लगता है।
हालांकि अच्छी बात यह है कि सही आहार अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से शरीर को दिनभर ऊर्जा मिलती रहती है।
क्यों होती है लगातार थकान?
डॉक्टरों के मुताबिक थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम वजहों में पर्याप्त नींद न लेना, अनियमित दिनचर्या और देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल शामिल है। इसके अलावा पोषण की कमी भी शरीर की ऊर्जा को प्रभावित करती है। आयरन, vitamin B12, vitamin D और magnesium जैसे पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर जल्दी थकने लगता है।
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तनाव और डिहाइड्रेशन से भी बढ़ती है थकान
तनाव, चिंता और मानसिक दबाव भी ऊर्जा के स्तर को कम कर सकते हैं। वहीं दिनभर पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे सुस्ती और थकान बढ़ती है।
कुछ मामलों में एनीमिया, थायरॉइड, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थकान का कारण बन सकती हैं। यदि लंबे समय तक कमजोरी बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डाइट में शामिल करें ये एनर्जी बढ़ाने वाले फूड्स
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करते हैं और ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं। जैसे-
पत्तेदार हरी सब्जियां- पालक, मेथी और सरसों का साग जैसे खाद्य पदार्थ आयरन और फोलेट से भरपूर होते हैं। ये शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं और थकान कम करते हैं।
साबुत अनाज- ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ और बाजरा जैसे साबुत अनाज धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर और विटामिन B शरीर को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखते हैं।
फैटी फिश- सैल्मन या अन्य मछलियों में Omega-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो शरीर में सूजन को कम करता है और दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है।
नट्स और बीज- बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ हेल्दी फैट, प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ये शरीर को स्थिर ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
फल और बेरीज- स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, अमरूद और कीवी जैसे फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत करता है और शरीर को ताजगी देता है।
अंडे और दालें- अंडे, दाल और बीन्स प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। ये शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और भूख को नियंत्रित रखते हैं।
दही या योगर्ट- प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहता है।
पर्याप्त पानी- विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी थकान की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। नारियल पानी या नींबू पानी भी इसमें मददगार हो सकते हैं।
खाने का तरीका भी है जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल क्या खाया जा रहा है, यह ही नही बल्कि कैसे खाया जा रहा है, यह भी मायने रखता है। भोजन में पहले फाइबर युक्त चीजें और प्रोटीन लेने से ब्लड शुगर अचानक नही बढ़ता और शरीर में ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है।
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थकान को दूर करने के लिए केवल कॉफी या एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर रहने की जरूरत नही है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित जीवनशैली अपनाकर शरीर को स्वाभाविक रूप से ऊर्जावान रखा जा सकता है।
अगर रोजमर्रा के खान-पान में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाई जाए, तो कुछ ही समय में शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह या उपचार का विकल्प न समझें। Jankiawaaz इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
