हिंदू पंचांग के मुताबिक दिसंबर में सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही Kharmas शुरू होगा। इस दौरान सभी शुभ–मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। नियमों को जानना ज़रूरी है।
04 दिसंबर 2025, नई दिल्ली
हिंदू धर्म में Kharmas को ऐसा समय माना गया है, जब शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। साल में दो बार पड़ने वाला यह काल न तो नए काम शुरू करने के लिए शुभ होता है और न ही कोई मांगलिक आयोजन किए जाते हैं। Kharmas तब लगता है जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं। मान्यता है कि इन राशियों में प्रवेश करते ही सूर्य का तेज कम हो जाता है, और सूर्य के कमजोर होने की स्थिति को मंगल कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
Kharmas 2025: 15 या 16 दिसंबर?
पंचांग के अनुसार, इस बार दिसंबर में Kharmas 16 दिसंबर 2025 से शुरू होगा। सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे और इसी क्षण से खरमास आरंभ हो जाएगा।
यह अवधि 14 जनवरी 2026 तक चलेगी, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के परिवर्तन के साथ ही Kharmas खत्म होगा और पुनः शुभ कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा।
Kharmas में किन कार्यों पर रोक होती है?
Kharmas को अशुभ माना जाता है इसलिए इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण कार्य नहीं किए जाते—
- शादी, सगाई और नवविवाहिता का गृह–प्रवेश
- नए घर में प्रवेश (गृह प्रवेश पूजा)
- मुंडन, नामकरण या जनेऊ संस्कार
- नया वाहन, घर, प्रॉपर्टी या बड़े सामान की खरीददारी
- तामसिक भोजन का सेवन करने से भी परहेज़ Kharmas में अपनाएं ये धार्मिक नियम
Kharmas केवल वर्जनाओं का समय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का महीना भी माना जाता है। इस दौरान—
- प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करें
- नियमित पूजा–पाठ करें
- सूर्य चालीसा का पाठ करें, इससे सूर्य की स्थिति मजबूत मानी जाती है
- सात्विक और हल्का भोजन करें
Kharmas का पालन करने से मन, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और सूर्य के मकर में प्रवेश के बाद शुभ कार्यों का मार्ग सहज हो जाता है।
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Suditi Raje has a background in investigative journalism, with a career spanning over 6 years. As part of the Jankiawaz team, she are committed to exposing the truth and bringing to light the stories that matter most.
