आईपीएल क्रिकेटर अमित मिश्रा की पत्नी गरिमा तिवारी ने कानपुर कोर्ट में तीसरा मुकदमा दायर किया है। दहेज, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप — जानिए पूरी कहानी।
नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर अमित मिश्रा की गुगली दुनिया भर के बल्लेबाजों को छका चुकी है। IPL में उनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं — वो क्रिकेटर जिन्होंने विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच उस मशहूर झगड़े को शांत किया था। लेकिन आज अमित मिश्रा मैदान की वजह से नहीं, बल्कि अपनी निजी ज़िंदगी में उठे तूफान की वजह से सुर्खियों में हैं।
10 मार्च 2026 को उनकी पत्नी, 35 वर्षीया मॉडल और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी गरिमा तिवारी ने कानपुर कोर्ट में तीसरा मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप हैं — दहेज उत्पीड़न, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, और यहाँ तक कि आत्महत्या के लिए उकसाना। यह कोई अचानक उठा कदम नहीं है। यह उस दर्द की परिणति है जो कथित तौर पर शादी के पहले दिन से शुरू हुआ था।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी, कोर्ट तक पहुँची
गरिमा और अमित की मुलाकात 2019 में इंस्टाग्राम के ज़रिए हुई थी। तीन साल की दोस्ती और प्यार के बाद 26 अप्रैल 2021 को कानपुर क्लब में दोनों ने शादी की। देखने में सब कुछ सपने जैसा था — एक सेलिब्रिटी क्रिकेटर, एक आत्मनिर्भर मॉडल, और एक नई शुरुआत।
लेकिन गरिमा के मुताबिक, शादी के बाद तस्वीर तेज़ी से बदलने लगी।
दहेज की माँग और शुरू हुआ उत्पीड़न
गरिमा का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद ससुराल वालों ने एक Honda City कार और 10 लाख रुपये नकद दहेज की माँग शुरू कर दी। परिवार ने किसी तरह 2.5 लाख रुपये दिए, लेकिन दबाव कम नहीं हुआ।
गरिमा ने आरोप लगाया कि अमित मिश्रा शराब पीकर उन पर हमला करते थे, गाली-गलौच करते थे, और कई-कई दिन तक खाना तक नहीं देते थे। उन्होंने यह भी कहा कि मिश्रा उनकी मॉडलिंग से होने वाली कमाई छीन लेते थे और बार-बार तलाक की धमकी देते थे।
इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना ने गरिमा को टुकड़ों में तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस सब के चलते उन्हें गहरा अवसाद हो गया और उन्हें अपना मॉडलिंग करियर छोड़ना पड़ा। यहाँ तक कि एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पूरे परिवार पर लगे आरोप
इस शिकायत में अमित मिश्रा के अलावा उनकी माँ बीना मिश्रा, पिता शशिकांत मिश्रा, भाई अमर मिश्रा, भाभी रितु मिश्रा और बहन स्वाति मिश्रा को भी आरोपी बनाया गया है।
गरिमा के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने मीडिया को बताया कि पुलिस के पास बार-बार जाने के बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। गरिमा ने पुलिस कमिश्नर के दफ्तर तक गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर अमित मिश्रा के प्रभाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई — जिसके बाद उन्होंने सीधे अदालत का दरवाज़ा खटखटाया।
तीन मुकदमों का सिलसिला
- यह कोई पहली बार नहीं है। यह मामला अब तीसरे चरण में पहुँच चुका है:
- 26 अप्रैल 2021 — शादी, कानपुर क्लब में
- 21 अप्रैल 2025 — पहला केस: घरेलू हिंसा की शिकायत
- 23 अप्रैल 2025 — दूसरा केस: गुजारा भत्ता और मुआवज़े के लिए याचिका — हर महीने 50,000 रुपये और 1 करोड़ रुपये हर्जाने की माँग
- 10 मार्च 2026 — तीसरा केस: दहेज, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप, पूरे परिवार पर
- अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही अंतरिम आदेश आया है। कोर्ट में प्रारंभिक सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है।
अमित मिश्रा का पक्ष
अमित मिश्रा ने सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। (ProBatsman) 2025 में जब पहली बार मामला सामने आया था, तो उन्होंने मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा था कि खबरें “बेबुनियाद” हैं और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। इस नई शिकायत के बाद उनकी तरफ से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।
क्रिकेट की चमक के पीछे का अँधेरा
अमित मिश्रा ने भारत के लिए 22 टेस्ट, 36 वनडे और 10 T20I खेले हैं। IPL में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद और डेक्कन चार्जर्स जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। वो 2013 ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
लेकिन अब उनकी पहचान इन उपलब्धियों के साथ-साथ इस विवाद से भी जुड़ती जा रही है। यह मामला एक बड़े सवाल की तरफ इशारा करता है — क्या शोहरत और पैसा किसी को कानून से ऊपर बना सकते हैं?
गरिमा तिवारी की लड़ाई सिर्फ एक शादी के टूटने की कहानी नहीं है। यह उस व्यवस्था को चुनौती है जहाँ दहेज आज भी ज़िंदगियाँ बर्बाद करता है, जहाँ प्रभावशाली लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने में भी हिचकिचाहट होती है, और जहाँ एक महिला को इंसाफ के लिए तीन-तीन मुकदमे लड़ने पड़ते हैं।
अब देखना यह होगा कि न्याय की पिच पर कौन-सी गुगली काम आती है।
