सर्राफा बाजार में भारी गिरावट, MCX पर सोना-चांदी के दाम आए नीचे। जानें कीमतों में गिरावट की वजह और आगे बाजार का रुख।
नई दिल्ली: सर्राफा बाजार में आज भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला रहा हैं। जहां एक दिन पहले सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर निवेशकों को उत्साहित कर रहे थे, वहीं आज बाजार खुलते ही तेज गिरावट ने माहौल बदल दिया है। Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर दोनों धातुओं में तजे गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर चांदी के दामों में एक ही दिन में आई तेज गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी।
सुबह के कारोबार में सोने के जून कॉन्ट्रैक्ट की कीमत करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गई, जो पिछले दिन के मुकाबले नीचे है। वहीं चांदी के मई कॉन्ट्रैक्ट में तेज गिरावट दर्ज हुई और कीमतों में भारी कमजोरी देखने को मिली। कुछ ही घंटों में चांदी के भाव तेजी से फिसले, जिससे ट्रेडर्स और निवेशकों में घबराहट बढ़ गई।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट की मुख्य वजह हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली है। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपनी पोजीशन बेचनी शुरू कर दी। इसके अलावा, वैश्विक संकेतों का भी असर पड़ा है।
अमेरिका से आए आर्थिक संकेतों और डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की मांग को कमजोर किया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ा। इसके साथ ही, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के कारण कई ट्रेडर्स को मजबूरी में अपने सौदे काटने पड़े, जिससे गिरावट और बढ़ गई।
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार पर दबाव बना रह सकता है। सोने के लिए ₹1.50 लाख का स्तर अहम माना जा रहा है अगर यह टूटता है तो कीमतें और नीचे जा सकती हैं। चांदी में पहले से कमजोरी दिख रही है और इसमें आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
हालांकि, लंबी अवधि में महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता जैसे कारक सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकते हैं। लेकिन फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए सलाह
इस तरह की तेज गिरावट सर्राफा बाजार में नई नहीं है, लेकिन ऐसे समय में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है। अगर आपने पहले से निवेश किया हुआ है, तो जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें और बाजार के प्रमुख स्तरों पर नजर रखें। नई खरीदारी करने वालों के लिए फिलहाल इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
एक दिन पहले की तेजी और आज की गिरावट ने साफ कर दिया है कि कमोडिटी बाजार में जोखिम और अवसर दोनों साथ-साथ चलते हैं। ऐसे में धैर्य और सही रणनीति ही निवेशकों के लिए सबसे अहम होती है।
