नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार ने आने वाले पंचायत चुनाव को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग क गठन को मंजूरी दे दी गई। सरकार के इस फैसले को पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
12 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई जिनमें पंचायत चुनाव के लिए समर्पित आयोग का गठन सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण का आधार तय करेगा। आयोग में कुल पांच सदस्य होंगे और इसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा किए जाने की संभावना है।
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आरक्षण विवादों के कारण अटकी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय पंचायत और जिला पंचायत चुनाव की प्रक्रिया लंबे समय से आरक्षण विवादों के कारण प्रभावित हो रही थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ट्रिपल टेस्ट नियम के तहत स्थानीय निकाय चुनाव में OBC आरक्षण लागू करने से पहले समर्पित आयोग का गठन आवश्यक माना गया था। इसी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी कई याचिकाएं दायर हुई थीं। अदालत ने राज्य सरकार से आयोग गठन की समय सीमा तक पूछी थी।
राज्यभर में होगा रैपिड सर्वे
सरकार अब इस आयोग के माध्यम से राज्यभर में रैपिड सर्वे कराएगी। इस सर्वे में विभिन्न जिलों और पंचायत क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग की वास्तविक जनसंख्या और प्रतिनिधित्व का अध्ययन किया जाएगा। इसी के आधार पर पंचायत सीटों पर आरक्षण तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे भविष्य में आरक्षण को लेकर होने वाले कानूनी विवादों में कमी आएगी।
राजनीतिक तौर पर भी अहम फैसला
राजनीतिक दृष्टि से भी इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में OBC वर्ग का बड़ा वोट बैंक पंचायत और विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में पंचायत चुनाव से पहले सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश देने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
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चुनाव प्रक्रिया में आ सकती है तेजी
अब माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज हो सकती है और राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है।
