MERI सेमिनार: ‘नई स्पेस इकोनॉमी’ के लिए प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों पर फोकस

MERI सेमिनार में ‘नई स्पेस इकोनॉमी’ के लिए आधुनिक मार्केटिंग रणनीतियों पर चर्चा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026:

जनकपुरी स्थित मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI) में बुधवार को 20वां वार्षिक मार्केटिंग सेमिनार “मर्काडियो क्रेस्टा 2026” आयोजित किया गया। इस वर्ष सेमिनार का विषय “नई स्पेस इकोनॉमी के लिए मार्केटिंग मिक्स” रहा, जिसमें बदलते अंतरिक्ष क्षेत्र के साथ मार्केटिंग की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस सेमिनार में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, शिक्षाविदों और छात्रों ने भाग लिया और यह समझने की कोशिश की कि स्पेस सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच मार्केटिंग रणनीतियाँ किस तरह विकसित हो रही हैं।

MERI के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) ललित अग्रवाल ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी अब दूर की कल्पना नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे स्टार्टअप्स स्पेस आधारित सेवाओं पर अपना कारोबार खड़ा कर रहे हैं, वैसे-वैसे इस क्षेत्र में मार्केटिंग की समझ भविष्य के मैनेजर्स के लिए बेहद जरूरी होती जा रही है।

मुख्य अतिथि और MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन श्री आई. पी. अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रम अब केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि निजी कंपनियों और वैश्विक साझेदारियों के साथ एक मजबूत इकोसिस्टम का रूप ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक 4Ps की अवधारणा भी अब बदल रही है, जिसमें “प्रोडक्ट” की परिभाषा सैटेलाइट कम्युनिकेशन, नेविगेशन सिस्टम, रिमोट सेंसिंग और स्पेस टूरिज्म तक फैल चुकी है।

सेमिनार के दौरान इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। S&P ग्लोबल के प्रफुल गंभीर ने उपभोक्ताओं से मजबूत जुड़ाव बनाने में इमोशनल ब्रांडिंग और स्टोरीटेलिंग की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं वैनटोर के लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) राकेश वर्मा ने बताया कि स्पेस मार्केटिंग अक्सर अप्रत्यक्ष होती है, जहां उपभोक्ता सीधे सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि सैटेलाइट तकनीक से संचालित एप्लिकेशन्स के लिए भुगतान करते हैं।

ऑनलाइन सत्र में ORF के शोधकर्ता प्रणव आर. सत्यनाथ ने भारत के न्यू स्पेस युग में प्रवेश की यात्रा को साझा करते हुए इस क्षेत्र में उभरते अवसरों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का समापन छात्रों की प्रस्तुतियों और प्रमाणपत्र वितरण समारोह के साथ हुआ।

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