नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में पांच बड़े फैसलों का ऐलान किया। इनमें सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन ट्रांसफर करने, राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने और बंगाल में जान गंवाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी लेने जैसे फैसले शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने और आईपीएस व आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने का भी निर्णय लिया गया।
डबल इंजन सरकार के रोडमैप पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार के रोडमैप को जमीन पर उतारना होगी।
टीएमसी सरकार पर साधा निशाना
कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में लगातार बढ़ रही आबादी को देखते हुए सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने संविधान और बंगाल की जनता के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जनगणना की प्रक्रिया को भी रोके रखा गया।
मतदाताओं और चुनाव आयोग का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के मतदाताओं, चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक एक ही दल का शासन रहा है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि शुभेंदु अधिकारी की सरकार जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।
