नई दिल्ली: केंद्र सरकार अब टैक्स घटाकर विदेशी निवेशकों को भारत में पैसा लगाने के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रही है। सरकार पहले ही सोने का आयात रोककर देश का पैसा बाहर जाने से रोकने की कोशिश में लगी हुई है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक विदेशी पैसा देश में लाने की तैयारी कर रही है। वहीं विदहोल्डिंग टैक्स को खत्म करने का विचार भी कर रही है।
क्या है विदहोल्डिंग टैक्स
जब विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड खरीदते हैं तो उस पर ब्याज मिलता है, जिस पर सरकार पहले ही टैक्स काट लेती है। इसे ही विदहोल्डिंग टैक्स कहते हैं। अभी विदेशी निवेशकों को अपनी ब्याज कमाई पर लगभग 20 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। यह टैक्स पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा दरों में से एक है। यही वजह है कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने से डरते हैं।
स्थिति बदलने की वजह
सरकार 2023 से पहले सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स विदेशी निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए लेती थी। जिसके कारण उनके लिए भारत में निवेश करना फायदे का सौदा होता था।
लेकिन 2023 के बाद 5 प्रतिशत की छूट खत्म कर दी गई और यह टैक्स बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया। जिसके कारण विदेशी निवेशकों को फायदा कम हो रहा है।
इसलिए अब 20 प्रतिशत टैक्स कम करने की तैयारी की जा रही है, जिससे विदेशी पैसा भारत में आ सके। अब देखना होगा कि यह नीति कितनी कामयाब होती है।
भारत की सबसे बड़ी चिंता का कारण
विदेशी निवेशकों ने एक तरह से मुंह फेर लिया है। वे भारत में पैसा लगाने से बच रहे हैं। जब विदेशी निवेशक अपना पैसा भारत से निकालते हैं और रुपये को डॉलर में बदलकर ले जाते हैं, तो इससे भारत की विदेशी मुद्रा पर असर पड़ता है। पिछले दो महीनों से इसी कारण भारत में विदेशी मुद्रा पर दबाव देखने को मिल रहा है।
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