मोबाइल टैपिंग केस में डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने NHRC में लगाई गुहार, साइबर सुरक्षा पर सख्त कार्रवाई की मांग

डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मोबाइल टैपिंग मामले में NHRC का दरवाजा खटखटाया, साइबर खतरों पर सख्त कार्रवाई की मांग

NBSS के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने परिवार को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता, नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा के लिए संस्थागत हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली | 19 मई, 2026

पीपल फोरम ऑफ इंडिया (NBSS) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने अपने परिवार को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने और मोबाइल टैपिंग से जुड़े मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का रुख किया है।

यह कदम राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उठाया गया है। शिकायत के अनुसार, 11 अप्रैल 2026 को टेलीग्राम के जरिए एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा संदिग्ध लिंक भेजे गए थे। यही लिंक डॉ. मल्लप्पा की पत्नी और उनके भाई को भी भेजे गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि परिवार को सुनियोजित तरीके से डिजिटल माध्यम से निशाना बनाया गया।

13 अप्रैल को ऑनलाइन और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध की श्रेणी में दर्ज इस शिकायत के साथ डिजिटल सबूत और संबंधित रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं।

मामले को गंभीर बताते हुए डॉ. मल्लप्पा ने NHRC से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि मोबाइल टैपिंग, साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल माध्यम से डराने-धमकाने जैसी घटनाएं नागरिकों की निजता, सुरक्षा और मौलिक अधिकारों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।

डॉ. मल्लप्पा ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों और परिवारों को संगठित तरीके से निशाना बनाए जाने के मामले बढ़ रहे हैं।

“कथित मोबाइल टैपिंग, संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों और साइबर घुसपैठ की बढ़ती घटनाएं नागरिकों की निजता और डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों को अलग-थलग घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इनसे निपटने के लिए सख्त कार्रवाई, समयबद्ध जांच, जवाबदेही और लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है,” डॉ. मल्लप्पा ने कहा।

उन्होंने संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके साथ ही डॉ. मल्लप्पा ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ रही संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए देश के साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने तथा लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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