क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लुका मोड्रिच, मैनुएल नोयर और एडिन जेको समेत FIFA 2026 के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड, उपलब्धियां और प्रेरणादायक सफर जानिए।
नई दिल्ली: फुटबॉल को अक्सर युवा खिलाड़ियों का खेल माना जाता है। तेज रफ्तार, दमदार फिटनेस और लगातार ऊर्जा इस खेल की पहचान हैं। लेकिन FIFA World Cup 2026 के करीब आते-आते कुछ ऐसे खिलाड़ी भी सुर्खियों में हैं, जिन्होंने साबित किया है कि अनुभव और समर्पण कई बार उम्र से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं। 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके ये खिलाड़ी आज भी अपनी राष्ट्रीय टीमों की उम्मीद बने हुए हैं।
43 साल के क्रेग गॉर्डन: स्कॉटलैंड की दीवार
इस सूची में सबसे ऊपर स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन हैं। 43 साल और 162 दिन की उम्र में भी वह पेशेवर फुटबॉल खेल रहे हैं। गोलकीपर के रूप में उनकी भूमिका केवल गेंद रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदान पर टीम का मार्गदर्शन करना भी है। लंबे करियर के दौरान कई चोटों और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद गॉर्डन ने हार नहीं मानी। आज भी उनकी मौजूदगी स्कॉटलैंड की टीम को आत्मविश्वास देती है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो: रिकॉर्ड्स का दूसरा नाम
फुटबॉल की दुनिया में शायद ही कोई नाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो जितना लोकप्रिय हो। 41 साल और 126 दिन की उम्र में भी पुर्तगाल के कप्तान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। रोनाल्डो की फिटनेस और अनुशासन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। जहां अधिकांश खिलाड़ी इस उम्र तक संन्यास ले लेते हैं, वहीं रोनाल्डो अभी भी गोल करने और मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। उनके लिए उम्र सिर्फ एक आंकड़ा बनकर रह गई है।
गिलर्मो ओचोआ: मेक्सिको के भरोसेमंद गोलकीपर
मेक्सिको के गिलर्मो ओचोआ 40 साल और 333 दिन की उम्र में भी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं। विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन को फुटबॉल प्रेमी आज भी याद करते हैं। कई बार उन्होंने अपने असाधारण बचाव से मेक्सिको को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। उनका अनुभव और शांत स्वभाव टीम के लिए बड़ी संपत्ति है।
लुका मोड्रिच: मिडफील्ड के महानायक
क्रोएशिया के लुका मोड्रिच 40 साल और 275 दिन की उम्र में भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में गिने जाते हैं। उनकी पासिंग, खेल को पढ़ने की क्षमता और नेतृत्व ने क्रोएशिया को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाई हैं। मोड्रिच की खास बात यह है कि वह केवल अनुभव के भरोसे नहीं खेलते, बल्कि आज भी अपनी तकनीक और फिटनेस से युवा खिलाड़ियों को चुनौती देते हैं।
एडिन जेको: बोस्निया की उम्मीद
बोस्निया और हर्जेगोविना के एडिन जेको 40 साल और 86 दिन की उम्र में भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। एक स्ट्राइकर के रूप में उन्होंने वर्षों तक गोल करने की अपनी क्षमता साबित की है। जेको का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है और टीम को कठिन मुकाबलों में मजबूती देता है।
मैनुएल नोयर: गोलकीपिंग की नई परिभाषा
जर्मनी के मैनुएल नोयर 40 साल और 76 दिन की उम्र में भी आधुनिक फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली गोलकीपरों में गिने जाते हैं। “स्वीपर-कीपर” की भूमिका को लोकप्रिय बनाने वाले नोयर ने गोलकीपिंग की परिभाषा ही बदल दी। चोटों से वापसी के बाद भी उनका प्रदर्शन यह दिखाता है कि महान खिलाड़ी उम्र के साथ और भी परिपक्व हो जाते हैं।
वोजिन्हा: केप वर्डे का अनुभवी चेहरा
केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा 40 साल और 8 दिन की उम्र में इस सूची में शामिल हैं। भले ही उनका नाम अन्य खिलाड़ियों जितना चर्चित न हो, लेकिन अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उनकी मौजूदगी युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास और सीख दोनों प्रदान करती है।
