Fact check: West Asia War Impact, क्या भारत में LPG की कमी है?जानें सरकार के 4 बड़े कदम

Fact check: West Asia War Impact, क्या भारत में LPG की कमी है?

West Asia War से LPG आयात प्रभावित हुआ है, लेकिन भारत सरकार ने 33 करोड़ घरों की रसोई गैस को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। जानें क्या है असली संकट, सरकार ने क्या कदम उठाए और कौन-कौन सी अफवाहें झूठी हैं

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक ही खबर वायरल है — “देश में LPG खत्म हो गई!” लोग घबराकर सिलेंडर बुक कर रहे हैं, कुछ जगह एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग गई हैं। लेकिन क्या सच में आपके घर की रसोई गैस खतरे में है?
जवाब है — नहीं

हाँ, पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारत के LPG आयात को बाधित किया है। और हाँ, रेस्तरां, होटल और कमर्शियल सेक्टर को असली तकलीफ हो रही है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के 33 करोड़ घरों तक रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।

पश्चिम एशिया युद्ध और आयात में रुकावट( The West Asia War and Disruptions in Imports)

भारत हर साल करीब 3.13 करोड़ टन LPG इस्तेमाल करता है, जिसमें से लगभग 60-62% आयात से आती है। इस आयात का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों — UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत — से होर्मुज जलडमरूमध्य(Strait of Hormuz) के रास्ते आता था। अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद इस रास्ते पर टैंकरों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे माल ढुलाई की दरें आसमान छू रही हैं और कार्गो में देरी हो रही है।

इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने 8 मार्च 2026 को ही आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया और एक LPG कंट्रोल ऑर्डर जारी किया — ताकि संकट बड़ा होने से पहले ही उसे काबू किया जा सके।

सरकार ने क्या किया? जानें 4 बड़े कदम

  1. घरेलू उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी
    सरकार के निर्देश पर सभी रिफाइनरियाँ 100% क्षमता पर चल रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर कॉम्प्लेक्स सहित सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया गया है। 8 मार्च से घरेलू उत्पादन में करीब 10-25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  2. घरेलू उपभोक्ता सबसे पहले
    कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर की सप्लाई घटाकर पूरी उपलब्ध गैस घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित की जा रही है। BPCL ने साफ कहा है कि उपलब्ध सप्लाई को सावधानी से वितरित किया जा रहा है और घरेलू परिवार सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।
  3. 40 देशों से आयात — नए रास्ते, नए सोर्स
    पहले भारत 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 40 देश कर दिया गया है। रूस, अमेरिका और नॉर्वे से आयात बढ़ाया जा रहा है और होर्मुज से न गुजरने वाले वैकल्पिक समुद्री रास्ते अपनाए जा रहे हैं।
  4. जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम
    सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की री-बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है — ताकि जमाखोरी रोकी जा सके और गैस का वितरण समान रहे। जमाखोरी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई हो रही है। सरकार क्या कह रही है?

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा, “देश में ईंधन की बिल्कुल कोई कमी नहीं है। संबंधित विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने X पर लिखा कि संघर्ष से अप्रभावित रास्तों से भारत में ऊर्जा आयात बिना रुकावट जारी है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू CNG और PNG की सप्लाई 100% सुनिश्चित है, और उद्योगों को भी उनकी जरूरत का 70-80% गैस मिल रही है।

अफवाह vs हकीकत: क्या सच है, क्या झूठ

अफवाह 1: देश में LPG खत्म हो गई, हर घर पर असर पड़ेगा।
हकीकत: घरेलू सप्लाई 100% सुरक्षित है। डिलीवरी साइकिल सामान्य है।

अफवाह 2: अभी तुरंत सिलेंडर बुक करो, वरना नहीं मिलेगा।
हकीकत: घबराकर बुकिंग करना गैरकानूनी और नुकसानदायक है। इससे कृत्रिम कमी बनती है। सामान्य बुकिंग जारी रखें।

अफवाह 3: PNG और CNG भी बंद हो जाएगी।
हकीकत: PIB ने स्पष्ट किया है कि घरेलू PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह जारी है।

अफवाह 4: अस्पताल और स्कूल भी बंद हो जाएंगे।
हकीकत: आयातित LPG को खास तौर पर इन जरूरी सेवाओं के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

असली परेशानी कहाँ है?

मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रविवार से पूरी तरह रोक दी गई है। होटल और रेस्तरां के डीलरों ने इसकी पुष्टि की है। कई जगह होटलों में मेन्यू छोटा किया जा रहा है — पराठे, दोसे और गर्म खाना बंद। कुछ रेस्तरां इंडक्शन कुकर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।

रेस्तरां उद्योग के प्रतिनिधि जोरावर कालरा का कहना है कि अगर यह संकट जारी रहा तो होटल इंडस्ट्री को रोज 1,200-1,300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

नागरिकों के लिए जरूरी सलाह

सरकार को भरोसा है कि जैसे-जैसे वैकल्पिक सप्लाई आएगी और रिफाइनरियाँ पूरी क्षमता पर चलती रहेंगी, स्थिति जल्द सामान्य होगी। तब तक आपसे अनुरोध है:

  • घबराहट में सिलेंडर बुक न करें
  • जहाँ PNG उपलब्ध हो, उसका उपयोग करें
  • जमाखोरी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें
  • सरकारी और PIB के आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें, सोशल मीडिया की अफवाहों पर नहीं

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