‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एचआरडीएस इंडिया ने मंत्री जुएल ओराम के समक्ष पेश की रिपोर्ट

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एचआरडीएस इंडिया ने मंत्री जुएल ओराम के समक्ष पेश की रिपोर्ट

जनजातीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और टिकाऊ आजीविका के लिए मंत्रालय संग सहयोग बढ़ाने पर बैठक में मंथन

नई दिल्ली: एचआरडीएस इंडिया के संस्थापक-सचिव श्री अजी कृष्णन ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम से मुलाकात कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े संगठन के मानवीय प्रयासों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह मुलाकात नई दिल्ली स्थित जनजातीय कार्य मंत्रालय में हुई।

रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में एचआरडीएस इंडिया द्वारा किए गए राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की तस्वीरें और दस्तावेज शामिल हैं। इसमें क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण और कमजोर तथा जनजातीय परिवारों को सहायता देने के प्रयासों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

जम्मू-कश्मीर में पुनर्निर्माण और राहत कार्य

एचआरडीएस इंडिया ने जम्मू-कश्मीर में क्षतिग्रस्त हजारों घरों के पुनर्निर्माण के साथ बाढ़ और अन्य चुनौतियों से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी कार्य किया है। संगठन के अनुसार, इन गतिविधियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े मानवीय प्रयास भी शामिल रहे हैं।

बैठक में जनजातीय विकास, ग्रामीण पुनर्निर्माण और आपदा राहत के क्षेत्र में संगठन की भूमिका पर चर्चा हुई। एचआरडीएस इंडिया पिछले तीन दशकों से अधिक समय से केरल, झारखंड, असम, त्रिपुरा समेत विभिन्न राज्यों में आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में काम कर रहा है।

जुएल ओराम ने संगठन के जमीनी स्तर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नागरिक समाज संगठन जनजातीय कल्याण, आवास और सामुदायिक विकास से जुड़े सरकारी प्रयासों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मंत्रालय और एचआरडीएस INDIA के बीच निरंतर सहयोग का समर्थन किया।

जनजातीय क्षेत्रों में टिकाऊ विकास पर फोकस

अजी कृष्णन ने कहा कि एचआरडीएस इंडिया कमजोर समुदायों की सेवा और उनके दीर्घकालिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वास्तविक राष्ट्र निर्माण सबसे कमजोर समुदायों, विशेषकर जनजातीय परिवारों के घर और भविष्य को सुरक्षित करने से शुरू होता है।

बैठक में जनजातीय बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वदेशी ज्ञान को बढ़ावा देने और टिकाऊ आजीविका के नए अवसर विकसित करने को लेकर संभावित सहयोग पर चर्चा हुई।

एचआरडीएस इंडिया जनजातीय बहुल और दूरदराज के इलाकों में आवास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित आजीविका के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। ‘सद्ग्रह’ पहल भी समुदायों के टिकाऊ और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है।

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