बीमा कंपनियों के लागत प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ICMAI ने InsCost फ्रेमवर्क पेश किया है। इसमें पारदर्शिता, लागत नियंत्रण और लाभप्रदता पर फोकस है
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026:
भारतीय बीमा क्षेत्र में लागत प्रबंधन को लेकर एक नई पहल सामने आई है। द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) ने ‘InsCost’ फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। इसका मकसद बीमा कंपनियों को लागत नियंत्रण से लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही तक एक व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
2026 में जारी इस फ्रेमवर्क को खासतौर पर भारतीय बीमा उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें कंपनियों को अपनी लागत समझने, उसका विश्लेषण करने और बेहतर कारोबारी फैसले लेने के लिए एक संरचित दिशा दी गई है।
क्या है InsCost फ्रेमवर्क?
InsCost में Cost Management, Cost Governance, Cost Disclosure और Cost Assurance को एक साथ जोड़ा गया है। फ्रेमवर्क केवल अकाउंटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि लागत को रणनीतिक कारोबारी फैसलों से जोड़ता है।
इसमें उत्पाद की लाभप्रदता, परिचालन लागत, दावों की लागत, वितरण खर्च और लागत आवंटन जैसे विषय शामिल हैं।
जीवन से लेकर स्वास्थ्य बीमा तक पर फोकस
ICMAI ने फ्रेमवर्क को बीमा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसमें जीवन बीमा, सामान्य बीमा, स्वास्थ्य बीमा, पुनर्बीमा और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा संस्थाओं के लिए अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
संस्थान के अनुसार, यह उप-क्षेत्र आधारित व्यापक लागत प्रबंधन ढांचा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा?
फ्रेमवर्क बीमा कंपनियों को यह समझने में मदद करेगा कि उनकी लागत किन प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ रही है और कौन-सी प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी बनाई जा सकती हैं।
अधिग्रहण, खरीद, दावे, वितरण और अन्य परिचालन खर्च पर बेहतर नियंत्रण से कंपनियां अपनी दक्षता और लाभप्रदता मजबूत कर सकती हैं।
‘Cost Maturity Model’ से मिलेगी दिशा
InsCost में Cost Maturity Model के साथ Implementation Roadmap भी दिया गया है। कंपनियां अपनी तैयारी और संसाधनों के अनुसार अलग-अलग चरणों में इस व्यवस्था को लागू कर सकती हैं।
ICMAI के उपाध्यक्ष CMA मनोज आनंद के अनुसार, लागत संबंधी विश्वसनीय जानकारी से उत्पाद और परिचालन स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है।
2047 के बीमा लक्ष्य से भी जुड़ा फ्रेमवर्क
ICMAI अध्यक्ष CMA चित्तरंजन चट्टोपाध्याय ने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए लागत दक्षता और बेहतर प्रशासन की भूमिका बढ़ेगी।
फ्रेमवर्क का उद्देश्य अधिक किफायती बीमा उत्पादों को बढ़ावा देना और बीमा की पहुंच बढ़ाने में सहयोग करना भी है।
IRDAI के परामर्श पत्र से क्या कनेक्शन?
ICMAI ने यह फ्रेमवर्क ऐसे समय में पेश किया है जब IRDAI ने 23 सितंबर 2026 को बीमा वितरण के अर्थशास्त्र में सुधार को लेकर सार्वजनिक परामर्श पत्र जारी किया था।
परामर्श में लागत युक्तिकरण, प्रबंधन व्यय, कमीशन, लागत पारदर्शिता और लागत ऑडिट जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे में InsCost बीमा क्षेत्र में लागत प्रशासन को लेकर चल रही चर्चा को एक नया आधार देता है।
