डॉ. के. ए. पॉल ने ईरान युद्ध रोकने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर जोर दिया

डॉ. के. ए. पॉल ने ईरान युद्ध रोकने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर जोर दिया

डॉ. पॉल ने अमेरिका, इजरायल और ईरान से बातचीत शुरू करने तथा सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की

वॉशिंगटन डीसी: डॉ. के. ए. पॉल ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक ने अमेरिका, इजरायल, ईरान और उनके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से कूटनीतिक बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने इजरायल के नागरिकों से भी शांति और राजनीतिक जवाबदेही के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की।

डॉ. पॉल के अनुसार, सैन्य कार्रवाई को लंबे समय तक जारी रखने के बजाय संघर्ष के कारणों और सभी पक्षों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय शांति प्रस्तावों पर विचार करने से जान बचाने और क्षेत्र में तनाव कम करने का अवसर मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था। अब उन्होंने संबंधित पक्षों से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या प्रस्ताव की समीक्षा की गई और क्या इसके प्रावधानों को बातचीत में शामिल किया जा सकता है।

डॉ. पॉल ने कहा कि किसी भी शांति पहल का मूल्यांकन उसके संभावित मानवीय और कूटनीतिक लाभों के आधार पर होना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और व्यक्तिगत हित युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में बाधा नहीं बनने चाहिए।

उन्होंने ईरान को लेकर अमेरिकी नीति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान के उद्देश्यों पर भी सवाल उठाए। डॉ. पॉल ने सैन्य कार्रवाई के फैसले की परिस्थितियों, उपलब्ध विकल्पों और सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर विचार किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सैन्य हमलों से किसी देश की राजनीतिक व्यवस्था में स्थायी बदलाव की गारंटी नहीं मिलती।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों की आलोचना करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि इजरायलियों को यह विचार करना चाहिए कि मौजूदा नेतृत्व देश की सुरक्षा और स्थायी शांति के लिए कितना प्रभावी है। उन्होंने 27 अक्टूबर को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी राय व्यक्त करने और जवाबदेही की मांग करने का आग्रह किया।

डॉ. पॉल ने ईरान संघर्ष के मानवीय प्रभावों पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में कथित बढ़ोतरी, आर्थिक कठिनाइयों और कमजोर परिवारों पर पड़ने वाले दबाव का उल्लेख किया। उन्होंने सरकारों और सहायता संगठनों से प्रभावित नागरिकों की जरूरतों का आकलन करने की अपील की। खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर उनके दावों के साथ कोई देशवार आंकड़ा नहीं दिया गया।

उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के परिणामों पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती हैं और संवाद की संभावनाओं को कमजोर कर सकती हैं।

डॉ. पॉल ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन के शांति प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व से संघर्ष में शामिल पक्षों को वार्ता के लिए तैयार करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने युद्ध से जुड़े फैसलों और सलाहकारों की भूमिका की पारदर्शी समीक्षा की मांग की।

डॉ. पॉल ने स्पष्ट किया कि उनकी अपील किसी धार्मिक या जातीय समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायलियों, फिलिस्तीनियों, ईरानियों और पूरे मध्य पूर्व के लोगों को सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए।

उन्होंने विश्व नेताओं और मीडिया प्रतिनिधियों को 25 अक्टूबर 2026 को डलास के प्रिस्मो कोलिनास में होने वाली ग्लोबल पीस एंड प्रेयर मीटिंग में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत और विश्वसनीय कूटनीतिक पहलों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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