नेशनल ड्रोन समिट 2026 में तीन ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ, सहकारिता आधारित ड्रोन इकोसिस्टम को मिली नई दिशा

देश की पहली सेक्टर-केंद्रित ड्रोन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी, ‘1 पंचायत–1 ड्रोन उद्यमी’ मिशन और 75 एडवांस्ड स्किल सेंटर की शुरुआत

नई दिल्ली: भारत में सहकारिता आधारित ड्रोन इकोसिस्टम को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई दिल्ली के द लीला पैलेस, चाणक्यपुरी में नेशनल ड्रोन समिट 2026 का आयोजन किया गया। ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के सहयोग से आयोजित इस समिट में “नीति से समृद्धि तक (From Policy to Prosperity)” विषय के तहत सरकार, उद्योग, सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण भारत के प्रतिनिधि एक मंच पर आए। इस अवसर पर ड्रोन उद्यमिता, कौशल विकास और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने वाली तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया गया।

यह समिट सहकारिता मंत्रालय की वर्ष 2021 से 2026 तक की पाँच वर्षीय यात्रा और “सहकार से समृद्धि” के विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, ड्रोन तकनीक के माध्यम से रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी का शुभारंभ
समिट में भारत की पहली सेक्टर-केंद्रित ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी का शुभारंभ किया गया। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ अधिनियम, 2002 के अंतर्गत स्थापित यह संस्था ड्रोन निर्माताओं, उद्यमियों, पायलटों, प्रशिक्षण संस्थानों, सेवा प्रदाताओं, स्टार्टअप्स, किसानों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर सहयोग, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।
“1 पंचायत – 1 ड्रोन उद्यमी” मिशन की शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मिशन “1 पंचायत – 1 ड्रोन उद्यमी” की भी शुरुआत की गई। इस मिशन का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में देश की 2 लाख कृषि-आधारित पंचायतों में 2 लाख ड्रोन उद्यमी तैयार करना है। इसके माध्यम से आधुनिक ड्रोन सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने और कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है।

75 एडवांस्ड स्किल सेंटर स्थापित होंगे
समिट में देशभर में 75 एडवांस्ड स्किल सेंटर स्थापित करने की घोषणा भी की गई। इन केंद्रों पर युवाओं को ड्रोन प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, GIS एवं रिमोट सेंसिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

NSDC के सहयोग से विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और सरकारी आईटीआई में स्थापित होने वाले ये केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप कार्य करेंगे।

कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समिट में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान, हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, कोऑपरेटिव इलेक्शन अथॉरिटी के उपाध्यक्ष श्री आर.के. गुप्ता, जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडेय तथा जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, YMCA, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. राजीव कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन भी रहा आकर्षण
समिट के साथ आयोजित नेशनल ड्रोन टेक्नोलॉजी एग्ज़िबिशन 2026 में कृषि ड्रोन, मेक इन इंडिया विनिर्माण, ड्रोन-एज़-ए-सर्विस मॉडल, RPTO पायलट प्रशिक्षण, AI/GIS प्लेटफ़ॉर्म और ड्रोन वित्तपोषण से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में सरकारी मंत्रालयों, ड्रोन निर्माताओं, DGCA-अनुमोदित RPTOs, वित्तीय संस्थानों, सहकारी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और ग्रामीण उद्यमियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोसाइटी की कार्ययोजना, पंचायत स्तर पर ड्रोन उद्यमिता मिशन के क्रियान्वयन और एडवांस्ड स्किल सेंटर की स्थापना से जुड़े रोडमैप की जानकारी साझा की गई।

आयोजकों के अनुसार, ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड भारत का पहला सहकारिता-आधारित ड्रोन उद्यमिता मंच है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षित ड्रोन उद्यमियों, निर्माताओं, RPTOs और सेवा प्रदाताओं का देशव्यापी नेटवर्क तैयार करना है। यह पहल कृषि, ग्रामीण आजीविका, मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *