Middle East Crisis: भारतीयों की सुरक्षा पर केंद्र सतर्क, जयशंकर ने संसद में बताया प्लान

Middle East Crisis: भारतीयों की सुरक्षा पर केंद्र सतर्क, जयशंकर ने संसद में बताया प्लान

मध्य पूर्व संकट के बीच भारत सतर्क, ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने राज्यसभा में बयान देते हुए कहा कि भारत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन कर रहा है और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में ईरान के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और मानवीय आधार पर भारत ने हिंद महासागर में फंसे एक ईरानी जहाज को सुरक्षित आश्रय भी दिया है। विदेश मंत्री के अनुसार यह कदम क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।

ईरान के साथ संवाद जारी

विदेश मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री से कई बार बातचीत की है। इन चर्चाओं में क्षेत्रीय हालात और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि हिंद महासागर क्षेत्र में ईरान के तीन जहाज फंसे हुए थे। इनमें से एक जहाज को भारत ने अपने तट पर शरण दी, जिसके लिए ईरान ने भारत का आभार जताया है। जयशंकर ने कहा कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग की नीति पर काम कर रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार की नजर

पश्चिम एशिया में तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। इस पर बोलते हुए Subrahmanyam Jaishankar ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क है और आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्थिति का देश की ऊर्जा जरूरतों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों की निगरानी

विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि मध्य पूर्व में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार के अनुसार कुछ भारतीयों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास भी लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध करा रहा है।

खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सतर्क

राज्यसभा में बोलते हुए जयशंकर ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वयं इस स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सरकार के उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है।

शांति और संवाद पर जोर

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक संवाद और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता दी जाए।

विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता न केवल स्थानीय देशों के लिए जरूरी है, बल्कि वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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