Deepfake का बढ़ता जाल: Payal Gaming से लेकर बॉलीवुड सितारों तक, AI के गलत इस्तेमाल से खतरे में डिजिटल पहचान

Deepfake का बढ़ता जाल: Payal Gaming से लेकर बॉलीवुड सितारों तक, AI के गलत इस्तेमाल से खतरे में डिजिटल पहचान

AI तकनीक से बने Deepfake वीडियो और फोटो अब आम लोगों से लेकर सेलेब्रिटीज तक की छवि, करियर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।

19 दिसंबर 2025, नई दिल्ली

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने जहां तकनीक की दुनिया में क्रांति ला दी है, वहीं इसका दुरुपयोग अब एक बड़े खतरे के रूप में सामने आ रहा है। Deepfake तकनीक के जरिए बनाए जा रहे फर्जी फोटो, वीडियो और ऑडियो डिजिटल दुनिया में नया अभिशाप बनते जा रहे हैं। इसकी चपेट में अब सिर्फ फिल्मी सितारे ही नहीं, बल्कि गेमिंग यूट्यूबर्स और डिजिटल क्रिएटर्स भी आ चुके हैं।

हाल ही में मशहूर गेमिंग यूट्यूबर Payal Gaming इसका ताजा उदाहरण बनीं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे लेकर दावा किया गया कि उसमें दिख रही महिला पायल हैं। हालांकि, पायल ने सामने आकर साफ किया कि वह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और डीपफेक तकनीक से बनाया गया है। उन्होंने इस घटना को न केवल दुखद बल्कि अमानवीय भी बताया।

क्या है Deepfake तकनीक?

Deepfake एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें AI और मशीन लर्निंग की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और हाव-भाव को किसी दूसरे फोटो या वीडियो में इस तरह फिट कर दिया जाता है कि वह बिल्कुल असली लगता है। कई बार ये फर्जी कंटेंट इतना सटीक होता है कि आम लोगों के लिए असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

क्यों खतरनाक साबित हो रहा है Deepfake?

Deepfake का सबसे बड़ा खतरा यह है कि लोग बिना सत्यता जांचे ऐसे वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। इससे अफवाहें फैलती हैं और किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि, करियर, मानसिक स्वास्थ्य और यहां तक कि आर्थिक स्थिति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।

किन टूल्स से बनाए जाते हैं Deepfake?

Deepfake बनाने के लिए कई AI आधारित सॉफ्टवेयर और ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें से कुछ ओपन-सोर्स होते हैं और आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन्हें आमतौर पर AI और वीडियो एडिटिंग टूल्स की श्रेणी में रखा जाता है।

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सेलेब्रिटीज भी बन चुके हैं निशाना

Payal Gaming के अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी डीपफेक का शिकार हो चुके हैं। आलिया भट्ट, रश्मिका मंदाना, काजोल, अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ जैसे नामों के फर्जी वीडियो और ऑडियो सामने आ चुके हैं। अमिताभ बच्चन समेत कई सितारों ने अपनी डिजिटल पहचान की सुरक्षा के लिए कोर्ट तक का रुख किया है।

क्यों जरूरी हो गए पर्सनैलिटी राइट्स?

Deepfake के बढ़ते मामलों के बीच सेलेब्रिटीज अब पर्सनैलिटी राइट्स की मांग कर रहे हैं। इन अधिकारों के तहत किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसके नाम, फोटो, आवाज, वीडियो या डिजिटल पहचान का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। भारत में ये अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 से जुड़े माने जाते हैं।

आर्थिक और मानसिक नुकसान की चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि Deepfake केवल बदनामी तक सीमित नहीं है। इससे ब्रांड डील्स रद्द हो सकती हैं, कमाई पर असर पड़ता है और ट्रोलिंग व ऑनलाइन उत्पीड़न बढ़ता है। यही वजह है कि अब पर्सनैलिटी राइट्स को सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि बौद्धिक संपत्ति के रूप में भी देखा जाने लगा है।

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