दिल्ली के मान्यता प्राप्त पत्रकारों की लंबित मांगों को लेकर एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शंकर चतुर्वेदी ने सरकार से कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पेंशन योजना और दिल्ली मान्यता समिति के शीघ्र गठन की मांग की है
नई दिल्ली: मान्यता प्राप्त पत्रकारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विजय शंकर चतुर्वेदी ने दिल्ली सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता और सरकार के बीच एक सशक्त कड़ी का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।
चतुर्वेदी ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रस्ताव अब तक लंबित है। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार सभी सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस उपचार की व्यवस्था लागू करे, ताकि आपात परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
उन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि देश के कई राज्यों में 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को 15,000 से 20,000 रुपये तक मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है, जबकि दिल्ली के वरिष्ठ मान्यता प्राप्त पत्रकार आज भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से वरिष्ठ मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए 20,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन योजना शुरू करने का आग्रह किया है।
चतुर्वेदी ने दिल्ली मान्यता समिति (दिल्ली एक्रेडिटेशन कमेटी) के गठन में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से समिति का गठन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पत्रकारों के मान्यता संबंधी आवेदन लंबित पड़े हैं, जिससे उन्हें अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से समिति का तत्काल गठन कर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा, “पत्रकार लोकतंत्र की मजबूती और जनहित की आवाज़ को समाज तथा सरकार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और मान्यता से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए। हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार पत्रकार हितों को ध्यान में रखते हुए इन लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें अमल में लाएगी।”
