Delhi Metro का नया तोहफा: लाजपत नगर–साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर की शुरुआत, दक्षिण दिल्ली को मिलेगी तेज कनेक्टिविटी

Delhi Metro का नया तोहफा: लाजपत नगर–साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर की शुरुआत, दक्षिण दिल्ली को मिलेगी तेज कनेक्टिविटी

Delhi Metro ने फेज-IV के तहत गोल्डन लाइन के नए एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम शुरू, ग्रेटर कैलाश, साकेत और पुष्प विहार के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

13 दिसंबर 225, नई दिल्ली

दक्षिण दिल्ली में रहने वालों के लिए राहत भरी खबर है। Delhi Metro रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने फेज-IV के तहत बहुप्रतीक्षित लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक के नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह गोल्डन लाइन का नया हिस्सा है, जिस पर प्राथमिक कॉरिडोरों के बाद सबसे पहले काम शुरू किया गया है।

इस मौके पर साकेत के पास पुष्पा भवन के नजदीक भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में DMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पूरी तरह एलिवेटेड होगा नया कॉरिडोर

लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक बनने वाला यह नया मेट्रो रूट पूरी तरह एलिवेटेड होगा। इस लाइन पर कुल आठ स्टेशन बनाए जाएंगे और किसी भी स्टेशन को भूमिगत नहीं रखा जाएगा।

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प्रस्तावित स्टेशन इस प्रकार हैं:

  • लाजपत नगर
  • एंड्रयूज गंज
  • ग्रेटर कैलाश-1
  • चिराग दिल्ली
  • पुष्पा भवन
  • साकेत डिस्ट्रिक्ट सेंटर
  • पुष्प विहार
  • साकेत जी ब्लॉक

इन इलाकों के लोगों को होगा सीधा फायदा

यह कॉरिडोर ग्रेटर कैलाश-1, साकेत और पुष्प विहार जैसे घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगा। साथ ही, आसपास मौजूद स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। लाइन शुरू होने के बाद रोज़ाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों का समय बचेगा और सफर अधिक सुविधाजनक होगा।

  • तीन लाइनों से इंटरचेंज की सुविधा
  • नई गोल्डन लाइन तीन प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ेगी।
  • चिराग दिल्ली स्टेशन पर मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज
  • लाजपत नगर पर वायलेट और पिंक लाइन से कनेक्शन

इन इंटरचेंज के साथ लाजपत नगर दक्षिण दिल्ली का एक बड़ा ट्रांजिट हब बन जाएगा और यहां ट्रिपल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।

यात्रियों की क्षमता और आधुनिक सुविधाएं

इस कॉरिडोर पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों के हर कोच को करीब 300 यात्रियों की क्षमता के अनुसार डिजाइन किया जाएगा। यानी एक ट्रेन में लगभग 900 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। बैठने और खड़े होने—दोनों के लिए पर्याप्त जगह होगी।

सतत परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

DMRC के अनुसार, गोल्डन लाइन दक्षिण दिल्ली की कनेक्टिविटी के लिहाज से एक अहम कड़ी साबित होगी। इस कॉरिडोर के जरिए न केवल मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से बेहतर एकीकरण होगा, बल्कि शहर के सतत और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। यह परियोजना पूरी होने के बाद लाखों यात्रियों के लिए रोज़ाना की यात्रा को आसान और तेज़ बना देगी।

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