क्या चीनी छोड़ने से कैंसर से बचाव संभव है? जानिए एक्सपर्ट क्या कहते हैं

क्या चीनी छोड़ने से कैंसर से बचाव संभव है? जानिए एक्सपर्ट क्या कहते हैं

कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच यह सवाल आम है कि ज्यादा चीनी खाना कितना खतरनाक है। क्या सिर्फ शुगर बंद कर देने से कैंसर का खतरा टल सकता है?

17 जनवरी 2026 ,New Delhi

आज के समय में कैंसर केवल उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रह गई है। कम उम्र में कैंसर की चपेट में आना और इससे होने वाली मौतों की खबरें अब आम होती जा रही हैं। सवाल उठता है कि आखिर बीते कुछ दशकों में ऐसा क्या बदला है, जिससे यह बीमारी इतनी तेजी से फैल रही है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कैंसर के करीब 30 से 40 प्रतिशत मामले खराब जीवनशैली और गलत खान-पान से जुड़े हैं। असंतुलित डाइट, तंबाकू और शराब का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा—ये सभी कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले अहम कारण माने जाते हैं। इसके साथ ही जंक फूड, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत भी चिंता का विषय बनती जा रही है।

इन्हीं सबके बीच लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठता है—क्या ज्यादा चीनी खाने से भी कैंसर हो सकता है? और अगर चीनी खाना पूरी तरह बंद कर दिया जाए, तो क्या इससे कैंसर से बचाव संभव है?

इस सवाल पर रायपुर के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा का कहना है कि चीनी को सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, यह कहना भी सही नहीं होगा कि सिर्फ चीनी छोड़ देने से कैंसर का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

हालांकि डॉ. जयेश यह जरूर मानते हैं कि ज्यादा चीनी का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक मात्रा में चीनी खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है। इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो कोशिकाओं की वृद्धि से जुड़ा होता है और यह कैंसर कोशिकाओं को भी बढ़ावा दे सकता है।

इसके अलावा, ज्यादा चीनी मोटापे का कारण बनती है, खासकर पेट की चर्बी। मोटापे से शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) बढ़ती है, जो कई गंभीर बीमारियों, including कैंसर, की जड़ मानी जाती है। वहीं कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक्स जैसी लिक्विड शुगर वाली चीजें लिवर में फैट जमा करती हैं, जिससे कैंसर का खतरा और बढ़ सकता है।

तो क्या इसका मतलब यह है कि चीनी खाना पूरी तरह गलत है?
डॉ. जयेश के अनुसार, चीनी को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि उसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना ज्यादा अहम है।

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एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर की कुल कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा चीनी से आना चाहिए। आमतौर पर 7–8 चम्मच तक चीनी को सुरक्षित माना जाता है। इसके साथ ही डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए, क्योंकि ये शुगर के अवशोषण को धीमा करती हैं और इंसुलिन के अचानक बढ़ने से बचाती हैं।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि लिक्विड शुगर का सेवन कम से कम किया जाए। चाय-कॉफी में कम चीनी या बिना चीनी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक्स को तो जितना हो सके, अवॉइड ही करना चाहिए।

कई रिसर्च में यह सामने आया है कि अधिक चीनी वाली ड्रिंक्स न सिर्फ लिवर बल्कि दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ाती हैं। इसलिए बेहतर यही है कि डाइट में चीनी की मात्रा सीमित रखी जाए। जितनी कम चीनी, उतना कम जोखिम—और उतनी ही बेहतर सेहत।

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