दिल्ली बजट 2026-27: रेखा गुप्ता का मेगा बजट पेश, महिला सशक्तिकरण से ग्रीन विज़न तक, जानिए क्या है खास

Rekha Gupta का Delhi Budget 2026-27: महिला, ग्रीन फोकस

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के लिए ₹1,03,700 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया। महिला सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रीन दिल्ली — जानिए इस बजट में आपके लिए क्या-क्या है

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया और इतिहास रच दिया। ₹1,03,700 करोड़ के इस बजट ने दिल्ली के अब तक के सभी बजटों को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि रेखा गुप्ता खुद वित्त मंत्री भी हैं, इसलिए यह बजट उनका अपना विज़न माना जा रहा है।

सरकार ने इसे ‘ग्रीन बजट’ का नाम दिया है क्योंकि कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए रखा गया है। महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, छात्र — सबके लिए इस बजट में कुछ न कुछ है। आइए जानते हैं, इस बजट की सबसे बड़ी बातें।

महिलाओं के लिए खुला खजाना — ₹7,406 करोड़ का ऐलान

इस बजट की सबसे चर्चित घोषणा है महिला समृद्धि योजना। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी और इसके लिए ₹5,110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल्द ही इसके लिए एक अलग पोर्टल भी लॉन्च होगा।

इसके अलावा होली और दिवाली पर पात्र परिवारों (eligible families) को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के लिए ₹260 करोड़ रखे गए हैं। डीटीसी बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी, जिसके लिए ₹406 करोड़ का बजट है। सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली करीब 13 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल दी जाएगी — इसके लिए ₹90 करोड़ का इंतज़ाम है।

एक नई पहल ‘रानी हाट’ भी शुरू होगी, जो महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाज़ार मुहैया कराएगी।

शिक्षा को मिला सबसे बड़ा हिस्सा — ₹19,148 करोड़

बजट में सबसे ज़्यादा पैसा शिक्षा पर खर्च होगा। कुल ₹19,148 करोड़, यानी पूरे बजट का करीब 18.6 फीसदी सिर्फ शिक्षा के लिए। लड़कियों की पढ़ाई और आवाजाही को आसान बनाने के लिए मुफ्त साइकिल योजना इसी के तहत आती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश — ₹12,645 करोड़

स्वास्थ्य विभाग को ₹12,645 करोड़ का बजट मिला है। इसमें से ₹1,500 करोड़ की राशि 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) बनाने के लिए रखी गई है। एक अहम कदम यह भी है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया है और उनके लिए ₹202 करोड़ का अलग प्रावधान है।

हरित और बेहतर बुनियादी ढांचे की ओर

सरकार ने 750 किलोमीटर सड़कों की पूरी तरह रिकार्पेटिंग और धूल-मुक्त सड़कें बनाने के लिए ₹1,352 करोड़ का प्रावधान किया है। बिजली के ओवरहेड तारों को हटाने पर ₹200 करोड़ खर्च होंगे। एमसीडी को सड़क सुधार के लिए ₹1,000 करोड़ दिए जाएंगे। यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए ₹300 करोड़, और एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम के लिए ₹350 करोड़ रखे गए हैं।
परिवहन क्षेत्र को ₹8,374 करोड़ मिले हैं और 2029 तक पूरे सरकारी बस बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य है। बिजली विभाग को ₹3,942 करोड़ आवंटित हुए हैं और बिजली सब्सिडी जारी रहेगी।

एमसीडी और अन्य महत्वपूर्ण आवंटन

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को ₹11,666 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है। शहरी विकास के लिए ₹7,887 करोड़, दिव्यांगजनों के लिए ₹5,921 करोड़ और दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के लिए ₹787 करोड़ का प्रावधान किया गया है। दिल्ली जल बोर्ड और जल आधारभूत संरचना को भी पर्याप्त फंडिंग दी गई है।

रेखा गुप्ता सरकार का यह बजट कई मायनों में अलग है — न सिर्फ इसलिए कि यह दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, बल्कि इसलिए भी कि इसमें महिलाओं, छात्रों, दिव्यांगों और पर्यावरण सभी को बराबर अहमियत दी गई है। ‘विकसित दिल्ली और ग्रीन दिल्ली’ का नारा सिर्फ शब्दों तक सीमित न रहे, यह तो आने वाला वक्त बताएगा — लेकिन कागज़ पर यह बजट ज़रूर उम्मीदें जगाता है। असली परीक्षा इन योजनाओं के ज़मीनी अमल में होगी।

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