BCCI ने IPL 2026 से पहले सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए नए और सख्त नियम जारी किए हैं — फ्रेश नेट्स पॉलिसी से लेकर ड्रेस कोड तक, जानिए क्या बदला इस सीजन।
नई दिल्ली: IPL 2026 शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं — 28 मार्च से धमाका होने वाला है। लेकिन मैदान पर खेल शुरू होने से पहले ही BCCI ने एक बड़ा कदम उठाया है। क्रिकेट बोर्ड ने सभी 10 IPL फ्रेंचाइजी को एक पांच पेज का सर्कुलर भेजा है, जिसमें अनुशासन, प्रैक्टिस और पेशेवर आचरण को लेकर कई नए और सख्त नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का मकसद साफ है — पिच की गुणवत्ता बनाए रखना, हर टीम को बराबर मौका देना और IPL को और ज्यादा प्रोफेशनल बनाना।
फ्रेश नेट्स पॉलिसी — सबसे बड़ा बदलाव
इस सीजन का सबसे चर्चित नियम है “फ्रेश नेट्स” पॉलिसी। अब हर टीम को प्रैक्टिस के लिए अलग से 2 नेट और मेन स्क्वायर पर 1 साइड विकेट मिलेगा। लेकिन इसके साथ आते हैं कुछ कड़े प्रतिबंध।
अगर एक टीम अपनी प्रैक्टिस जल्दी खत्म कर ले, तो दूसरी टीम उन्हीं नेट्स का इस्तेमाल नहीं कर सकती। हर बार नई तैयारी होगी, हर बार ताजा सुविधाएं। वानखेड़े जैसे स्टेडियम में अगर दो टीमें एक साथ अभ्यास करें, तो दोनों को बिल्कुल अलग-अलग नेट्स मिलेंगे।
इसके अलावा — मैच के दिन मेन स्क्वायर पर प्रैक्टिस पूरी तरह बंद रहेगी। सीजन के पहले होम गेम से 4 दिन पहले तक पिच को छुआ भी नहीं जा सकता। प्रैक्टिस मैच की बात करें तो हर टीम को रोशनी में अधिकतम 2 मैच खेलने की इजाजत होगी, और वो भी 3.5 घंटे से ज्यादा नहीं — और मेन पिच पर बिल्कुल नहीं।
यह नियम क्यों जरूरी था? पहले कई बार टीमें एक-दूसरे की प्रैक्टिस झांककर देख लेती थीं। अब वो “नेट स्पाइंग” का युग खत्म हो जाएगा।
टीम बस से आओ, परिवार को साथ मत लाओ
एक और अहम नियम — खिलाड़ियों को प्रैक्टिस सेशन के लिए सिर्फ टीम बस में ही आना होगा। परिवार और दोस्त अलग गाड़ी से आएंगे और उन्हें सिर्फ हॉस्पिटैलिटी एरिया तक ही जाने दिया जाएगा। ड्रेसिंग रूम और मैदान में सिर्फ मान्यता प्राप्त सपोर्ट स्टाफ ही जा सकेगा।
मैच के दिन हर टीम के साथ अधिकतम 12 अक्रेडिटेड स्टाफ ही रह सकते हैं, जिनमें टीम डॉक्टर भी शामिल हैं। नेट बॉलर्स और थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट की लिस्ट पहले से BCCI को देनी होगी। अक्रेडिटेशन कार्ड हर वक्त साथ रखना जरूरी है — पहली बार भूले तो चेतावनी, दूसरी बार तो जेब से पैसे जाएंगे।
जर्सी भी रहेगी नियम के दायरे में
BCCI ने खिलाड़ियों के पहनावे पर भी लगाम कसी है। मैच के बाद होने वाली प्रेजेंटेशन के दौरान फ्लॉपी हैट और स्लीवलेस जर्सी पहनना मना होगा। पहली गलती पर चेतावनी, दूसरी पर जुर्माना।
ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को मैच के दौरान वो कैप पहनना जरूरी होगा — कम से कम पहले दो ओवर तो जरूर, ताकि ब्रॉडकास्ट के लिए अच्छे विजुअल मिल सकें। साथ ही कोई भी खिलाड़ी या स्टाफ LED विज्ञापन बोर्ड के सामने नहीं बैठ सकता।
BCCI क्यों लाया इतने बदलाव?
दरअसल, BCCI के सामने तीन बड़े लक्ष्य हैं। पहला — पिच की सेहत (Condition of the Pitch), लंबे सीजन में पिच जल्दी खराब हो जाती है, नई नेट्स पॉलिसी से मेन स्क्वायर पर दबाव कम होगा। दूसरा — निष्पक्षता (Impartiality), कोई भी टीम दूसरे की प्रैक्टिस देखकर या पुराने नेट्स इस्तेमाल करके फायदा नहीं उठा सकेगी। तीसरा — पेशेवरता (Professionalism), हर फ्रेंचाइजी के लिए एक समान मानक तय किए गए हैं।
टीमों पर क्या असर पड़ेगा?
ये नियम जितने अच्छे हैं, उतने ही चुनौतीपूर्ण भी। जो टीमें लंबे नेट सेशन की आदी हैं, उन्हें अब अपना शेड्यूल बदलना होगा। ग्राउंड स्टाफ के लिए रोज नई पिच तैयार करना अतिरिक्त मेहनत का काम होगा — खासकर डबल हेडर मैचों में।
मैच के दिन प्रैक्टिस बंद होने से कोच और कप्तान को पहले से ज्यादा सोच-समझकर काम करना होगा। अब जोर रहेगा रिकवरी, वीडियो एनालिसिस और मानसिक तैयारी पर।
IPL 2026 का पहला चरण 28 मार्च से 12 अप्रैल तक चलेगा और फाइनल 31 मई 2026 को खेला जाएगा। BCCI के ये नए नियम IPL को लंबे समय तक बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं। छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देकर ही बड़े बदलाव आते हैं — और इस बार बोर्ड ने यही सोचकर काम किया है।
