ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव पर जवाद जरीफ का शांति फॉर्मूला-खुद को विजेता घोषित कर जंग खत्म करने की सलाह, परमाणु सीमाओं पर भी जोर।
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी टकराव के बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री Mohammad Javad Zarif ने अपने सोशल मिडिया अकाउंट X पर पोस्ट करते हुए कहा कि हालात को और बिगाड़ने के बजाय ईरान को खुद को विजेता बताते हुए समझौते की पहल करनी चाहिए, ताकि संघर्ष को रोका जा सके और आगे की अशांति टाली जा सके।
अमेरिकी पत्रिका Foreign Affairs में प्रकाशित अपने लेख में जरीफ ने इशारा किया कि मौजूदा हालात में ईरान के पास रणनीतिक बढ़त है, जिसे लंबी लड़ाई में गंवाने के बजाय बातचीत में बदलना बेहतर होगा। उनका मानना है कि यदि समझदारी से कदम उठाए जाएं तो न सिर्फ यह संघर्ष खत्म हो सकता है, बल्कि भविष्य में ऐसे टकराव की आशंका भी कम की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, खासकर पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की शैली को ध्यान में रखते हुए ईरान को प्रतीकात्मक तरीके से जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसा कदम उठाया जा सकता है जिससे दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर सकें और बिना प्रतिष्ठा खोए पीछे हट सकें।
जरीफ ने सुझाया समझौते का रास्ता
जरीफ ने सुझाव दिया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं तय करने और समुद्री मार्गों को फिर से खोलने जैसे कदमों पर विचार कर सकता है। इसके बदले में अमेरिका को प्रतिबंधों में ढील देनी चाहिए और क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में भी माना कि मौजूदा हालात भावनात्मक रूप से कठिन हैं, लेकिन युद्ध को जारी रखना किसी के हित में नहीं है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए अब शांति की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
तनाव के बीच शांति की उम्मीद
गौरतलब है कि जरीफ पहले भी 2015 के परमाणु समझौते में अहम भूमिका निभा चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उनका अनुभव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में उनका यह प्रस्ताव ईरान के भीतर चल रही रणनीतिक सोच को भी दर्शाता है।
फिलहाल जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ हमले जारी हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में जरीफ का यह सुझाव एक संभावित रास्ता जरूर दिखाता है, लेकिन इसे अपनाया जाएगा या नहीं, यह आने वाले समय में साफ होगा।
