Gold-Silver Price: सर्राफा बाजार में हल्की तेजी, सोने के दाम में मामूली बढ़त और चांदी में गिरावट। जानें अलग-अलग शहरों की कीमतें और वैश्विक संकेतों का असर।
नई दिल्ली: शानिवार सुबह सर्राफा बाजार में सीमित लेकिन अहम बदलाव देखने को मिला हैं। देश में 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में हल्की गिरावट आई हैं। इस उतार-चढ़ाव के पीछे वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग दोनों का असर नजर आ रहा हैं।
सुबह के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 रुपये की बढ़त के साथ ₹1,51,090 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया हैं। वहीं चांदी 100 रुपये कमजोर होकर ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद भारत में सोने ने हल्की मजबूती दिखाई, जबकि चांदी दबाव में रही हैं।
अलग-अलग शहरों में क्या हैं दाम
24 कैरेट, (10 ग्राम)- मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में सोना ₹1,50,940 पर, जबकि दिल्ली में यह ₹1,51,090 और चेन्नई में ₹1,51,100 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया हैं।
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)- मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में ₹1,38,360, जबकि दिल्ली और चेन्नई में ₹1,38,510 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी रही हैं।
चांदी (1 किलोग्राम)- दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चांदी ₹2,49,900 पर, जबकि चेन्नई में यह ₹2,54,900 तक दर्ज की गई हैं।
अमेरिकी नीति और महंगे तेल ने बदली सोने की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें हाल के उच्च स्तर से नीचे आई हैं। अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर सख्त रुख और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार की दिशा बदल दी हैं। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका ओर बढ़ गई हैं। ऐसे में अमेरिकी ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कम हुई है, जिसका असर सोने पर दबाव के रूप में दिख रहा हैं।
घरेलू बाजार ने दिया सहारा
भारत में घरेलू तत्वों ने सोने की कीमतों को गिरने से सहारा दिया। रुपये की स्थिति, ज्वेलर्स की खरीदारी और शादी के सीजन की मांग ने कीमतों को संभालकर रखा हैं। वहीं चांदी की कीमतों पर इंडस्ट्री की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर नजर आया हैं।
आम लोगों के लिए क्या संकेत?
जो लोग शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए बाजार फिलहाल संतुलित नजर आ रहा हैं। कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना बनी हुई है, इसलिए जल्दबाजी से बचना बेहतर हो सकता हैं। निवेशकों के लिए सोना अब भी लंबी अवधि में सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, जबकि चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल सकता हैं।
आगे क्या देखें?
आने वाले दिनों में सोने-चांदी (Gold-Silver) की दिशा काफी हद तक तीन कारकों पर निर्भर करेगी जैसे मिडिल ईस्ट की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, ऐसे में निवेश से पहले ताजा भाव पर नजर रखना जरूरी है।
