आईसीएमएआई ने अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन लेखांकन दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ मनाया, फोकस रहा रणनीतिक और सतत विकास पर

आईसीएमएआई ने अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन लेखांकन दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी के साथ मनाया, फोकस रहा रणनीतिक और सतत विकास पर

विशेषज्ञों की गहन परिचर्चाएं, उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित ‘प्रबंधन लेखांकन पुरस्कार’ प्रदान

6 मई 2026, बेंगलुरु :

द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) ने अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन लेखांकन दिवस के अवसर पर बेंगलुरु में “प्रबंधन लेखांकन: रणनीति, प्रदर्शन और सतत मूल्य सृजन” विषय पर एक उच्च-स्तरीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य बदलते व्यावसायिक परिवेश में प्रबंधन लेखांकन की विकसित होती भूमिका पर सार्थक चर्चा करना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र तथा प्रबंधन परामर्श एवं सेवाओं से संबंधित विषयों पर तीन प्रमुख परिचर्चाएं आयोजित की गईं। इनमें उद्योग जगत और प्रैक्टिसिंग पेशेवरों ने अपने अनुभव, दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान को प्रतिभागियों के साथ साझा किया, जिससे यह संगोष्ठी एक समृद्ध ज्ञान मंच के रूप में स्थापित हुई।

संगोष्ठी का उद्घाटन आईसीएमएआई के अध्यक्ष टी.सी.ए. श्रीनिवास प्रसाद, उपाध्यक्ष नीरज डी. जोशी, प्रबंधन लेखांकन समिति के अध्यक्ष सुरेश आर. गुंजल्ली तथा बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष राघवेंद्र बी. के. द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईसीएमएआई ने प्रतिष्ठित ‘प्रबंधन लेखांकन पुरस्कार’ की घोषणा करते हुए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मुख्यालय: नई दिल्ली) को सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो प्रबंधन लेखांकन के सिद्धांतों और प्रक्रियाओं को अपनाने, लागू करने तथा वैश्विक नेतृत्व की दिशा में उत्कृष्टता प्रदर्शित करती हैं।

पहली परिचर्चा सेवा क्षेत्र पर केंद्रित रही, जिसमें गोपाल रमणन और के. नारायण राव जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका संचालन प्रबंधन सलाहकार मिलिंद दाते ने किया।

दूसरी परिचर्चा विनिर्माण क्षेत्र पर आधारित थी, जिसमें अनिल जेराथ तथा चन्ना बसवराज शामिल रहे। इसका संचालन एन. रवींद्रनाथ कौशिक ने किया।

तीसरी परिचर्चा प्रबंधन परामर्श एवं सेवाओं पर केंद्रित रही, जिसमें डॉ. गिरीश जाखोटिया तथा असीम कुमार मुखोपाध्याय ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इसका संचालन एस. दोरई राजन द्वारा किया गया।

परिचर्चाओं के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न उद्योगों की वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला और यह बताया कि कॉस्ट एवं प्रबंधन लेखाकार किस प्रकार उद्योगों की कार्यक्षमता में सुधार करते हुए देश की समग्र आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

संगोष्ठी में प्रतिभागियों को गहन विचार-विमर्श, विशेषज्ञ प्रस्तुतियों और प्रभावशाली संवादों का लाभ मिला। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और इसमें विभिन्न उद्योगों के पेशेवरों, आईसीएमएआई के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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