French Open 2026 में इटली के माटेओ अर्नाल्डी वायरल संक्रमण के कारण सेमीफाइनल से हट गए। उनकी वापसी के बाद फ्लावियो कोबोली बिना मैच खेले पहली बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंच गए, जहां उनका सामना अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा
नई दिल्ली: फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल वर्ग में शुक्रवार को एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने टेनिस प्रशंसकों को हैरान कर दिया। इटली के खिलाड़ी माटेओ अर्नाल्डी बीमारी के कारण अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेले बिना ही टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके परिणामस्वरूप उनके हमवतन फ्लावियो कोबोली को वॉकओवर मिल गया और वे सीधे अपने करियर के पहले ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंच गए।
यह मुकाबला फ्रेंच ओपन के सबसे दिलचस्प सेमीफाइनलों में से एक माना जा रहा था, क्योंकि दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में थे। लेकिन मैच शुरू होने से कुछ ही समय पहले अर्नाल्डी के हटने की घोषणा ने पूरे टूर्नामेंट का समीकरण बदल दिया।
वायरस की चपेट में आए अर्नाल्डी
रिपोर्ट्स के अनुसार अर्नाल्डी को पेट संबंधी वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया था। उन्होंने बताया कि रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें कई बार उल्टी हुई। हालत इतनी खराब थी कि वे ठीक से खाना-पीना भी नहीं कर पा रहे थे। डॉक्टरों की मदद लेने के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
सुबह तक यह स्पष्ट हो गया कि वे कोर्ट पर उतरने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए टूर्नामेंट से हटने का कठिन फैसला लिया। यह निर्णय उनके लिए बेहद भावुक था, क्योंकि वे पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे और फाइनल में जगह बनाने का सुनहरा अवसर उनके सामने था।
कोबोली की खुशी में भी दिखा दर्द
फ्लावियो कोबोली के लिए यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के करियर का बड़ा पड़ाव होता है। हालांकि कोबोली की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि यह सफलता उनके लिए पूरी तरह उत्सव का विषय नहीं थी।
दोनों खिलाड़ी अच्छे मित्र माने जाते हैं और इटली की डेविस कप टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। कोबोली ने कहा कि जब अर्नाल्डी ने उन्हें अपनी स्थिति के बारे में बताया तो वह भावुक हो गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि वह मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार थे और कोर्ट पर मुकाबला करना चाहते थे, लेकिन अपने दोस्त की स्थिति देखकर उन्हें दुख भी हुआ।
करियर का सबसे बड़ा मौका
फाइनल में पहुंचने के साथ ही कोबोली ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी शानदार यात्रा के कारण अब वे पहली बार विश्व रैंकिंग के शीर्ष 10 खिलाड़ियों में शामिल होने जा रहे हैं। यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है।
पूरे टूर्नामेंट में कोबोली ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देते हुए साबित किया कि वह केवल भविष्य के सितारे नहीं, बल्कि वर्तमान में भी खिताब जीतने की क्षमता रखते हैं।
ज्वेरेव से होगी खिताबी भिड़ंत
फाइनल में कोबोली का सामना जर्मनी के स्टार खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने दूसरे सेमीफाइनल में चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी जाकुब मेंसिक को 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
ज्वेरेव के लिए यह उनके करियर का चौथा ग्रैंडस्लैम फाइनल होगा। हालांकि अब तक वह कोई भी ग्रैंडस्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
फाइनल पर टिकी दुनिया की नजरें
फ्रेंच ओपन 2026 पहले ही कई बड़े उलटफेरों का गवाह बन चुका है। कई शीर्ष खिलाड़ियों के जल्दी बाहर होने के बाद अब फाइनल में एक अनुभवी खिलाड़ी और एक पहली बार फाइनल खेलने वाले खिलाड़ी के बीच मुकाबला होगा।
एक ओर ज्वेरेव अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब की तलाश में हैं, तो दूसरी ओर कोबोली इतिहास रचने का सपना देख रहे हैं। अर्नाल्डी की दुर्भाग्यपूर्ण विदाई ने भले ही सेमीफाइनल का रोमांच छीन लिया हो, लेकिन फाइनल अब भी टेनिस प्रेमियों के लिए बेहद दिलचस्प रहने वाला है।
रोलां गैरो की लाल मिट्टी पर अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कोबोली अपनी परीकथा जैसी यात्रा को खिताबी जीत में बदल पाएंगे, या फिर ज्वेरेव आखिरकार अपने लंबे इंतजार को खत्म कर पहला ग्रैंडस्लैम ट्रॉफी अपने नाम करेंगे।
