Australia आतंकी हमला: 40 मीटर दूर से फायरिंग कर सीजर बाराजा ने दिखाया अदम्य साहस, कई जानें बचीं

Australia आतंकी हमला: 40 मीटर दूर से फायरिंग कर सीजर बाराजा ने दिखाया अदम्य साहस, कई जानें बचीं

सिडनी (Australia) के बॉन्डी बीच आतंकी हमले में डिटेक्टिव सीनियर कॉन्स्टेबल सीजर बाराजा की बहादुरी सामने आई, जिनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल सका।

17 दिसंबर 2025, नई दिल्ली

Australia के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद जिस पुलिस अधिकारी की बहादुरी की चर्चा हर तरफ हो रही है, वह हैं डिटेक्टिव सीनियर कॉन्स्टेबल सीजर बाराजा। इस भयावह घटना में 15 लोगों की जान चली गई, लेकिन समय पर की गई पुलिस कार्रवाई ने हालात को और बिगड़ने से रोक दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर को मार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारी सीजर बाराजा ही थे। घटना के वक्त वह सादे कपड़ों में ड्यूटी पर तैनात थे। सामने आए एक वीडियो में सीजर को एक पेड़ के पास खड़े होकर करीब 40 मीटर दूर फुटब्रिज की दिशा में लगातार फायरिंग करते देखा जा सकता है। इसी कार्रवाई में आतंकी साजिद अकरम मारा गया, जबकि उसका बेटा नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया।

बताया गया है कि साजिद और नवीद ने एक हनुक्का कार्यक्रम के दौरान ऊंचाई से हाई-पावर हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सीजर बाराजा पिछले 16 वर्षों से पुलिस सेवा में हैं और बॉन्डी क्षेत्र से भली-भांति परिचित हैं, जिसका फायदा उन्होंने हालात को काबू में करने में उठाया।

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दिलचस्प बात यह है कि सीजर, जिन्हें साथी ‘सेस’ के नाम से जानते हैं, 2000 के दशक में रियलिटी टीवी शो ‘द रिक्रूट्स’ में भी नजर आ चुके हैं। उस दौरान उन्होंने कहा था कि अपराध से नफरत ही उन्हें पुलिस बनने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने पुलिस ट्रेनिंग को बेहद कठिन बताया था, जिसके लिए रोजाना कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

हालांकि, न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आधिकारिक तौर पर यह तय किया जा रहा है कि आतंकी को किस अधिकारी की गोली लगी। बावजूद इसके, उन्होंने मौके पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण की खुलकर सराहना की है।

इस हमले में दो युवा पुलिस अधिकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 22 वर्षीय प्रोबेशनरी कॉन्स्टेबल जैक हिब्बर्ट, जो केवल चार महीने पहले ही पुलिस बल में शामिल हुए थे, को चेहरे और आंख में गोली लगी, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। इसके बावजूद उन्होंने लोगों की मदद करना नहीं छोड़ा।

वहीं, दूसरे घायल अधिकारी कॉन्स्टेबल स्कॉट डायसन को कंधे में गोली लगी। हालत नाजुक होने के बाद अब वे स्थिर बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने इन जवानों की बहादुरी को सलाम करते हुए कहा है कि उन्होंने पीछे हटने के बजाय गोलियों की दिशा में आगे बढ़कर कई निर्दोष लोगों की जान बचाई।

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