FIFA World Cup 2026: साइल लारिन बने कनाडा के संकटमोचक, बोस्निया के खिलाफ ड्रॉ के बाद अब कतर मुकाबले पर नजर

FIFA World Cup 2026: साइल लारिन बने कनाडा के संकटमोचक, बोस्निया के खिलाफ ड्रॉ के बाद अब कतर मुकाबले पर नजर

FIFA World Cup 2026 के ग्रुप-बी मुकाबले में कनाडा ने साइल लारिन के 78वें मिनट के गोल की बदौलत बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, जानिए मैच की पूरी कहानी, लारिन का करियर और ग्रुप-बी की ताजा स्थिति

नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-बी में कनाडा और बोस्निया और हर्जेगोविना के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच, संघर्ष और शानदार वापसी की कहानी बन गया। भारतीय समयानुसार 13 जून की रात 12:30 बजे शुरू हुए इस मैच में सह-मेजबान कनाडा ने हार की दहलीज से लौटते हुए 1-1 से ड्रॉ खेला और घरेलू मैदान पर विश्व कप इतिहास का अपना पहला अंक हासिल किया। मैच का सबसे बड़ा नायक बने अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन, जिन्होंने विकल्प खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने के बाद 78वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर कनाडा को हार से बचा लिया।

टोरंटो में विश्व कप का जोश, ग्रुप-बी में बड़ी टक्कर

टोरंटो के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को लेकर कनाडाई प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था। विश्व कप के सह-मेजबान होने के कारण कनाडा पर उम्मीदों का भारी दबाव भी था। दूसरी ओर बोस्निया और हर्जेगोविना की टीम टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरी थी। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि ग्रुप-बी में कतर और स्विट्जरलैंड जैसी टीमें भी शामिल हैं।

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बोस्निया ने किया पहला वार, कनाडा पड़ा दबाव में

मैच की शुरुआत में कनाडा ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन बोस्निया की रक्षापंक्ति ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। पहले हाफ के 21वें मिनट में बोस्निया को एक सेट-पीस मिला और जोवो लुकिच ने शानदार हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। गोल के बाद कनाडा ने लगातार हमले किए, लेकिन बोस्निया के गोलकीपर निकोला वासिल्ज ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर टीम की बढ़त कायम रखी।

दूसरे हाफ में कनाडा ने बढ़ाया दबाव

पहले हाफ के अंत तक कनाडा बराबरी हासिल नहीं कर सका और दबाव बढ़ता गया। दूसरे हाफ में मेजबान टीम ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया। 53वें मिनट में रिची लारिया गोल करने के बेहद करीब पहुंच गए, लेकिन बोस्निया के डिफेंडर सीद कोलासिनाच ने गोललाइन पर शानदार क्लियरेंस कर अपनी टीम को बड़ा झटका लगने से बचा लिया।

समय तेजी से बीत रहा था और कनाडा हार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था। ऐसे में कोच जेसी मार्श ने 76वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन को मैदान पर उतारा। यह बदलाव मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। मैदान पर आने के महज दो मिनट बाद लारिन ने प्रॉमिस डेविड के सटीक पास पर शानदार फिनिश करते हुए 78वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। गोल होते ही पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा और कनाडा को नई ऊर्जा मिल गई।

कौन हैं साइल लारिन?

साइल लारिन कनाडा के सबसे सफल फुटबॉलरों में गिने जाते हैं। 17 अप्रैल 1995 को ओंटारियो में जन्मे लारिन एक पेशेवर स्ट्राइकर हैं और वर्षों से कनाडा की राष्ट्रीय टीम के प्रमुख गोल स्कोरर रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उत्तर अमेरिका में की और बाद में यूरोप के कई प्रतिष्ठित क्लबों के लिए खेलते हुए अपनी पहचान बनाई।

तुर्की, स्पेन और अन्य यूरोपीय लीगों में खेल चुके लारिन को बड़े मैचों का खिलाड़ी माना जाता है। यही अनुभव बोस्निया के खिलाफ कनाडा के काम आया, जब उन्होंने दबाव भरे माहौल में टीम के लिए महत्वपूर्ण गोल दागा।

गोल के बाद कनाडा ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन बोस्निया की टीम भी मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाती रही। दोनों टीमों को अंतिम मिनटों में कुछ अवसर मिले, लेकिन कोई भी टीम दूसरा गोल नहीं कर सकी। आखिर में मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। यह नतीजा कनाडा के लिए खास रहा क्योंकि टीम ने घरेलू सरजमीं पर विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल किया।

एक अंक, कई संभावनाएं: ग्रुप-बी में रोमांच बरकरार

अब ग्रुप-बी में मुकाबला और भी रोचक हो गया है। कनाडा और बोस्निया दोनों के खाते में एक-एक अंक हैं, जबकि समूह की अन्य दो टीमें कतर और स्विट्जरलैंड शनिवार को आमने-सामने होंगी। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला 14 जून की रात लगभग 12:30 बजे खेला जाएगा। इस मैच का परिणाम ग्रुप-बी की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कनाडा की नजर अब अपने अगले मुकाबले पर होगी, जहां उसे 18 जून को कतर का सामना करना है। वहीं बोस्निया और हर्जेगोविना की टीम स्विट्जरलैंड के खिलाफ उतरेगी। दोनों टीमों के लिए अगले मैच नॉकआउट दौर की संभावनाओं को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

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फिलहाल टोरंटो में खेला गया यह मुकाबला साइल लारिन के नाम रहा। जब कनाडा हार की ओर बढ़ रहा था, तब अनुभवी स्ट्राइकर ने अपने अनुभव और कौशल का परिचय देते हुए टीम को एक महत्वपूर्ण अंक दिलाया। विश्व कप जैसे बड़े मंच पर ऐसे क्षण किसी खिलाड़ी को नायक बना देते हैं और लारिन ने साबित कर दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में वे अब भी कनाडा की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक हैं।

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