एक मुट्ठी इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट प्रीमियर लीग (IWPL) सीजन 7 का आयोजन 14 से 21 जून 2026 तक नई दिल्ली में होगा, आठ राज्य स्तरीय टीमें भाग लेंगी और यह टूर्नामेंट समावेशी खेलों को नई पहचान देगा
नई दिल्ली: क्रिकेट भारत में सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का हिस्सा है। लेकिन जब यही खेल उन खिलाड़ियों के हाथों में होता है जिन्होंने जीवन की कठिन चुनौतियों को पीछे छोड़कर अपने सपनों को जिंदा रखा है, तो क्रिकेट सिर्फ मनोरंजन नहीं रह जाता, बल्कि प्रेरणा की मिसाल बन जाता है। ऐसी ही प्रेरणा का मंच बनने जा रहा है एक मुट्ठी इंडियन व्हीलचेयर क्रिकेट प्रीमियर लीग (IWPL) सीजन 7, जिसका आयोजन 14 से 21 जून तक नई दिल्ली के द्वारका स्थित बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा।
एक मुट्ठी ट्रस्ट और व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WCAI) के सहयोग से आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट केवल मैचों की श्रृंखला नहीं है। यह उन खिलाड़ियों की कहानियों को सामने लाने का अवसर है, जिन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया है।
टूर्नामेंट से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माहौल उत्साह और उम्मीदों से भरा हुआ दिखाई दिया। मंच पर मौजूद आयोजकों, खिलाड़ियों और समर्थकों की बातों में एक समान भावना थी—खेल के मैदान पर सभी खिलाड़ियों को बराबर अवसर मिलना चाहिए, चाहे उनकी शारीरिक परिस्थितियां कैसी भी हों।
देशभर से आएंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी
IWPL सीजन 7 में देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों में शामिल खिलाड़ी वर्षों से व्हीलचेयर क्रिकेट के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं। कई खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
इन खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट केवल जीत या हार का सवाल नहीं है। यह उनके संघर्ष, आत्मविश्वास और उस जुनून का उत्सव है जिसने उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मैदान पर उतरते समय उनका लक्ष्य सिर्फ रन बनाना या विकेट लेना नहीं होता, बल्कि यह साबित करना भी होता है कि सपनों की कोई शारीरिक सीमा नहीं होती।
दर्शकों की मौजूदगी बनेगी खिलाड़ियों की ताकत
इस टूर्नामेंट की एक खास बात यह है कि सभी मैचों में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। आयोजकों का मानना है कि जब दर्शक स्टेडियम में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं, तो वह समर्थन खिलाड़ियों के लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं होता।
अक्सर दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियां मुख्यधारा की सुर्खियों में कम दिखाई देती हैं। ऐसे में IWPL लोगों को इन खिलाड़ियों के खेल, उनकी मेहनत और उनके जज्बे को करीब से देखने का अवसर देगा। यह सिर्फ क्रिकेट देखने का मौका नहीं होगा, बल्कि उन कहानियों को समझने का भी अवसर होगा जो प्रेरणा से भरी हुई हैं।
खेल से बदल रही है सोच
समाज में लंबे समय तक दिव्यांगता को सीमाओं के संदर्भ में देखा जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में यह सोच तेजी से बदल रही है और खेल इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है।
IWPL इसी परिवर्तन का प्रतीक है। यह टूर्नामेंट यह संदेश देता है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी चुनौतियों से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और उपलब्धियों से होनी चाहिए। यहां खिलाड़ी अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर मैदान में वही प्रतिस्पर्धात्मक भावना दिखाते हैं जो किसी भी पेशेवर खिलाड़ी में दिखाई देती है।
एक मुट्ठी ट्रस्ट की पहल ने दी नई दिशा
इस आयोजन को सफल बनाने में एक मुट्ठी ट्रस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ट्रस्ट की संस्थापक और अध्यक्ष सुधा सिन्हा और संयोजक मुकेश सिन्हा लंबे समय से ऐसे मंच तैयार करने में जुटे हैं जहां दिव्यांग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को खुलकर प्रदर्शित कर सकें।
उनका मानना है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने का सबसे प्रभावी रास्ता भी है। इसी सोच के साथ IWPL को एक ऐसे मंच के रूप में विकसित किया गया है जहां खिलाड़ियों को सम्मान, पहचान और अवसर तीनों मिल सकें।
संघर्ष से सफलता तक की यात्रा
व्हीलचेयर क्रिकेट के खिलाड़ियों की कहानियां किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। कई खिलाड़ियों ने जीवन में ऐसे दौर देखे हैं जब उन्हें लगा कि उनके सपने अधूरे रह जाएंगे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
उन्होंने अपने जीवन की चुनौतियों को स्वीकार किया, खुद को नए तरीके से तैयार किया और खेल को अपनी पहचान बना लिया। आज वही खिलाड़ी हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। IWPL उनके इसी सफर को देश के सामने लाने का माध्यम बन रहा है।
भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट के लिए अहम पड़ाव
भारत में व्हीलचेयर क्रिकेट धीरे-धीरे अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, प्रतियोगिताओं का दायरा विस्तृत हो रहा है और लोगों की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। IWPL जैसे आयोजन इस विकास यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे प्रयासों को निरंतर समर्थन मिलता रहा तो भविष्य में व्हीलचेयर क्रिकेट भी देश के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल हो सकता है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और खेलों में समावेशिता की अवधारणा और मजबूत होगी।
सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, एक संदेश
IWPL सीजन 7 केवल क्रिकेट का आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है। यह बताता है कि अवसर मिलने पर हर व्यक्ति अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकता है।
14 जून से शुरू होकर 21 जून तक चलने वाला यह टूर्नामेंट क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबलों का आनंद देगा, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह हजारों लोगों को प्रेरित करेगा। मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ी हमें याद दिलाएंगे कि असली ताकत शरीर में नहीं, बल्कि इरादों में होती है।
यही वजह है कि IWPL सीजन 7 केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि हौसले, संघर्ष और समान अवसरों के उस संदेश का उत्सव है जिसकी आज के समाज को सबसे ज्यादा जरूरत है।
