जानिए दुनिया के 7 अलग-अलग देशों की वो दिलचस्प परंपराएं जो क्रिसमस के त्यौहार को और भी खास और यादगार बनाती हैं।
अगर आपको लगता है कि क्रिसमस का असली मतलब रैपिंग पेपर के पहाड़ों के नीचे दब गया हैं, तो दूसरे देशों में मनाए जाने वाले क्रिसमस को देख कर आप हैरान हो सकते है, यह चीज़ों को ज़मीन पर ला सकती है। परंपराएं हर जगह अलग होती है, जो ज्योग्राफी, हिस्ट्री और क्लाइमेट से रिलेटेड होता है, हालांकि कई देशों में तोहफे का आदान प्रदान होता है, लेकिन हर जगह इस मानने का तरीका एक दूसरे से काफी अलग है। मोमबत्तियों की रोशनी से ले कर चर्च में गाना गाने तक, परिवार का सम्मान से मकड़ियों की सराहना करने तक, ये पुरानी परंपरा ही हमें क्रिसमस की अहमियत रखती है।
यहाँ दुनिया भर की क्रिसमस से जुड़ी सात दिलचस्प परंपराएँ हैं
- आइसलैंड
आइसलैंड में प्रकाशक (पब्लिशर) क्रिसमस से पहले नई लोगो तक नई किताबें लाते है– एक ऐसी घटना जिसे “जोलाबोकाफ्लोथ”(jólabókaflóð) या “क्रिसमस बुक फ्लड” भी कहा जाता है। यह परंपरा वर्ल्ड वॉर 2 से चली आ रही है। जब कागज को छोड़कर अधिकांश समाना राशन पर मिलता था। आज यही आइसलैंडिक पब्लिश इंडस्ट्री की मदद कर रही ।
24 दिसंबर को शाम को परिवार के बीच गिफ्टों का लेन देन, क्रिसमस डिनर और फिर अपनी नई किताबे मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ते है, चॉकलेट के डिब्बे और ड्रिंक्स के साथ, ये एक ऐसी परंपरा है जो पूरी तरह से आइसलैंडिक है, लेकिन इसे कहीं भी बनाना सबसे आसान भी है।
- जापान
एक गैर ईसाई देश के रूप में जानने वाला जापान अपने अलग अलग तरीके से क्रिसमस मनाने के लिए जाना जाता है। यह परिवार केंद्रित उत्सव के बजाए इसे वैलेंटाइन डे की तरह मनाया जाता है। जहां कपल्स के लिए ये एक रोमांटिक शाम है। जहां शाम को सड़के लाइट्स से चमकती है, रेस्तरां स्पेशल मेनू पेश करते है, लक्जरी होटल्स हमेशा भरे हुए रहते है।
यह का खाना क्रिसमस में काफी अलग होता है जापानी लोग “कुरिसुमासु केकी” खा कर जश्न मनाते हैं, जो क्रीम और स्ट्रॉबेरी के साथ बनाया एक स्पंज केक है। परंपरा की भावना को अपनाने के लिए सामान्य पारिवारिक अव्यवस्था के बीच अपने साथी के लिए थोड़ा समर्पित समय निकालें, यही जापान का क्रिसमस ईव सिखाता है।
3.ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस डे धूप, भोजन और परिवार पर केंद्रित है। यह लोग बियर, और क्रिकेट किट ले कर एक ऑस्ट्रेलियाई पारिवारिक परंपरा में शामिल होने का भी समय है। सभी उम्र के लोगों को इनवाइट किया जाता है क्रिसमस क्रिकेट मैच पर, यह एक दिन सिर्फ मैच जीतने के लिए नहीं बल्कि उसमें भाग लेना के बारे में हैं।
- फिनलैंड
क्रिसमस ईव पर, फिनिश क्रिसमस में दिवंगत रिश्तेदारों का सम्मान करना केंद्रीय है। परिवार उन प्रियजनों के लिए मोमबत्तियां जलाने के लिए कब्रिस्तान जाते हैं जो गुजर चुके हैं। दिस इज फिनलैंड के मुताबिक तीन-चौथाई फिनिश परिवार इसमें भाग लेते हैं, जो कब्रिस्तानों को बर्फ और मोमबत्ती की रोशनी के साथ ढक देते है। कब्रिस्तान की यात्राओं के बाद अक्सर एक और प्रिय फिनिश परंपरा होती है, जैसे क्रिसमस ईव पारिवारिक सौना।
- यूक्रेन
क्रिसमस ईव पर पश्चिमी यूक्रेन में, सबसे विशिष्ट क्रिसमस सजावट कोई बॉल या तारा नहीं बल्कि एक जड़ित मकड़ी का जाला है। यह प्रथा “द लीजेंड ऑफ द क्रिसमस स्पाइडर” से उत्पन्न हुई है, एक पूर्वी यूरोपीय लोककथा जिसमें एक मकड़ी एक गरीब महिला के क्रिसमस ट्री को सजाती है जो सामान खरीदने में असमर्थ थी। वह सुबह उठकर इसे चांदी के जाले से चमकता हुआ पाती है, और उस दिन से उसके परिवार को कभी मांगने की जरूरत नहीं पड़ती।
यूक्रेनियन कागज और तार से नाजुक जाले बनाते हैं और उन्हें झालर की तरह अपने पेड़ के चारों ओर लपेटते हैं। पेड़ पर एक असली मकड़ी या मकड़ी का जाला मिलना अच्छा भाग्य माना जाता है, और इस अवधि के दौरान उन्हें साफ नहीं करने की प्रथा है।
- डेनमार्क
“क्लिप्पे क्लिस्ट्रे” डे – (काटना और चिपकाना) – एक आवश्यक डेनिश परंपरा है। पूरे देश में घर, स्कूल और कार्यस्थल विस्तृत माला, बुनी हुई सितारे और कागज के दिल बनाने के लिए शिल्प सत्र (क्राफ्ट सेशन) आयोजित करते हैं ताकि कक्षाओं, कार्यालयों और रहने वाले कमरों में क्रिसमस की खुशी लाई जा सके। यह एक साथ “हुग्गे” करने और रचनात्मकता के माध्यम से समुदाय की भावना बनाने का मौका है, सब कुछ छोटे क्रिसमस डोनट्स, कुकीज़ और “ग्लोग”, डेनमार्क के मोल्ड वाइन से भरा हुआ हैं।
- वेनेजुएला
वेनेजुएला में क्रिसमस तक घंटियों, पटाखों और कभी-कभी आतिशबाजी के साथ होती हैं, लेकिन सबसे विशेष रीति-रिवाज यह है कि लोग अक्सर रोलर स्केट्स पर पहुंचते हैं। यह परंपरा 16 से 24 दिसंबर के बीच लगभग सुबह 5:00 या 6:00 बजे आयोजित होने वाली प्रारंभिक सुबह के “मिसा डे अगुइनाल्डो” (अर्ली मॉर्निंग मास) में स्केटिंग करके जाने पर केंद्रित है। अगर स्केटिंग एक विकल्प नहीं है, तो स्थानीय मास या सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल होना साझा उत्सव की समान भावना ला सकता है।
ये परंपराएं हमें याद दिलाती हैं कि क्रिसमस का असली जादू तोहफों में नहीं, बल्कि एक साथ बिताए गए पलों, साझा किए गए अनुभवों और प्रियजनों के साथ बनाई गई यादों में है।
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