वॉशिंगटन में Global Peace Summit में माइक जॉनसन और डॉ. के. ए. पॉल ने युद्ध, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानव सुरक्षा पर चर्चा की
वॉशिंगटन डी.सी: अमेरिका में आयोजित ग्लोबल पीस एंड इकोनॉमिक समिट में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने युद्ध और संघर्ष के प्रभावों पर चर्चा की। समिट में अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और ग्लोबल पीस के अध्यक्ष डॉ. के. ए. पॉल भी शामिल हुए।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 100 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें राजनीतिक नेता, राजनयिक, धार्मिक प्रतिनिधि, कारोबारी और नागरिक समाज से जुड़े लोग शामिल थे।
समिट में अमेरिका, भारत, ईरान, पाकिस्तान, इजरायल, फिलिस्तीन, लेबनान, रूस, यूक्रेन, कांगो और अफगानिस्तान सहित कई देशों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
युद्धों का आम लोगों पर असर
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि युद्धों का असर केवल संघर्ष वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहता। इससे आम परिवारों को भी विस्थापन, महंगाई, खाद्य संकट और बढ़ती ऊर्जा लागत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति, बातचीत और सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
डॉ. के. ए. पॉल ने देशों और धार्मिक समुदायों के बीच मतभेद कम करने और मानव जीवन की रक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों की अपील की।
माइक जॉनसन ने शांति प्रयासों का उल्लेख किया
आयोजकों के मुताबिक, माइक जॉनसन ने डॉ. पॉल की शांति पहलों की सराहना की। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को खत्म करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
ग्लोबल पीस के राजदूत डेव मैकक्वेड ने कहा कि डॉ. पॉल ने कई देशों के नेताओं के साथ शांति के मुद्दे पर काम किया है।
आयोजकों ने दावा किया कि पॉल की शांति रैलियां 155 देशों में आयोजित हुई हैं और इनमें करीब 40 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने यह भी कहा कि उनकी पहलों ने सात बड़े युद्धों को समाप्त करने की दिशा में काम किया है।
कांगो में शांति रैली का निमंत्रण
कांगो के पूर्व उपराष्ट्रपति ने डॉ. पॉल को देश में शांति रैली आयोजित करने का निमंत्रण दिया। आयोजकों ने कहा कि कांगो लंबे समय से संघर्ष और मानवीय संकट का सामना कर रहा है।
समिट के आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संवाद को मजबूत करना और संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सहयोग बढ़ाना है।
