चेक बाउंस केस में दोषी ठहराए गए कॉमेडियन Rajpal Yadav ने दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर किया, छह महीने की सजा काटेंगे।
नई दिल्ली: बॉलीवुड में अपनी कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन अभिनय से पहचान बनाने वाले अभिनेता rajpal yadav इन दिनों एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। दर्शकों को हंसाने वाले इस कलाकार को हाल ही में एक पुराने वित्तीय विवाद के चलते दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा। यह मामला न सिर्फ कानून से जुड़ा है, बल्कि एक कलाकार की निजी जद्दोजहद और आर्थिक अस्थिरता की कहानी भी बयां करता है।
सरेंडर से पहले छलका दर्द
तिहाड़ जेल पहुंचने से पहले rajpal yadav बेहद भावुक नजर आए। अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आर्थिक हालत और अकेलेपन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास इस वक्त कोई रास्ता नहीं बचा है। उनका यह बयान सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें एक सफल अभिनेता की मजबूरी साफ झलक रही थी।
उनकी आंखों में आंसू और शब्दों में बेबसी ने यह दिखा दिया कि ग्लैमर की दुनिया में दिखने वाली सफलता के पीछे हालात कितने कठिन हो सकते हैं।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। 2 फरवरी को अदालत ने rajpal yadav को सरेंडर करने का आदेश दिया था। अभिनेता ने एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी थी, ताकि वह बकाया राशि का इंतजाम कर सकें, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी नामंजूर कर दी।
न्यायालय का मानना था कि पहले दी गई राहत के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। इसके बाद 5 फरवरी 2026 की शाम करीब चार बजे rajpal yadav ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने खुद को पेश किया।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद करीब 15 साल पुराना है। साल 2010 में rajpal yadav ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए एक प्राइवेट कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई।
कर्ज चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। निचली अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए छह महीने की सजा सुनाई। हालांकि हाई कोर्ट ने पहले सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन शर्त थी कि बकाया रकम लौटाई जाएगी। बार-बार समय मिलने के बावजूद भुगतान न होने पर अदालत ने इसे भरोसे का उल्लंघन माना। फिलहाल बकाया राशि लगभग 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एक कलाकार की कहानी, एक सख्त सबक
rajpal yadav का मामला यह याद दिलाता है कि फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे आर्थिक जोखिम और कानूनी जिम्मेदारियां भी उतनी ही बड़ी सच्चाई हैं। मंच और पर्दे पर हंसी बांटने वाला कलाकार जब निजी जिंदगी में ऐसे हालात से गुजरता है, तो यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की नहीं रह जाती, बल्कि सिस्टम और इंसानी कमजोरी दोनों पर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल rajpal yadav को छह महीने की सजा काटनी होगी। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि यह मुश्किल दौर जल्द खत्म हो और वह फिर से अपने अभिनय से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें।
