40 संगठनों के सहयोग से CEQUIN ने शुरू किया ‘हिंसा-मुक्त और समावेशी दिल्ली’ अभियान

40 संगठनों के सहयोग से CEQUIN ने शुरू किया ‘हिंसा-मुक्त और समावेशी दिल्ली’ अभियान

CEQUIN के सार्वजनिक कार्यक्रमों में फ्लैश मॉब, नुक्कड़ नाटक और कैंडल मार्च के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई

नई दिल्ली: ‘है हक़ हमारा हिस्सेदारी’ अभियान के तहत CEQUIN ने दिल्ली में 40 संगठनों के साथ मिलकर हिंसा-मुक्त और समावेशी शहरों की दिशा में पहल शुरू की।


यह वार्षिक अंतरराष्ट्रीय अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक दुनिया भर में चलाया जाता है। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र की थीम टेक्नोलॉजी आधारित जेंडर हिंसा (TGBV) पर केंद्रित है, जिसमें साइबरस्टॉकिंग, ट्रोलिंग, डॉक्‍सिंग, इमेज-आधारित दुर्व्यवहार और डिजिटल निगरानी जैसे नए रूप शामिल हैं। दिल्ली जैसी घनी- आबादी और जटिल सामाजिक संरचना वाले शहर में, ये डिजिटल खतरे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए नई चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं, जो पहले से मौजूद शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक जोखिमों को और बढ़ाते हैं।

महिलाओं के प्रति असुरक्षा के बढ़ते संकेत इस आवश्यकता को और गहरा करते हैं कि शहरों को भौतिक और डिजिटल—दोनों स्तरों पर अधिक सुरक्षित और समावेशी बनाया जाए। NCRB क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ़ 13,366 अपराध दर्ज किए गए, जो देश के सभी महानगरों में सर्वाधिक हैं। इनमें 1,088 बलात्कार, 4,219 पति द्वारा क्रूरता, 3,952 अपहरण और छह एसिड हमले शामिल हैं। 2024 में दिल्ली का जन्म के समय लिंग अनुपात घटकर 1,000 लड़कों पर 920 लड़कियाँ रह गया है। वहीं कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 2022–23 में केवल 14.8% दर्ज की गई, जबकि टेक और सेवा क्षेत्रों में हर चार पेशेवरों में से सिर्फ एक महिला है। वेतन असमानता भी लगातार बनी हुई है। ये आँकड़े स्पष्ट करते हैं कि सुरक्षित और लैंगिक-संवेदनशील शहरों का निर्माण केवल नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि एक तात्कालिक आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान CEQUIN की सह-संस्थापक और चेयरपर्सन सारा अब्दुल्ला पायलट ने कहा, “यह अभियान महिलाओं और लड़कियों के हिंसा-मुक्त जीवन की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह चिंताजनक है कि हर तीसरी महिला अपने साथी या परिवार द्वारा हिंसा झेल चुकी है। ऑनलाइन हिंसा—जैसे साइबरबुलिंग, ट्रोलिंग और शिकायतों का सीमित दर्ज होना भी महिलाओं की सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। यह भय घर, कार्यस्थल, सार्वजनिक स्थानों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म—हर जगह महसूस होता है। इस अभियान में शामिल 40 संस्थाएँ यह स्पष्ट संदेश देती हैं कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ़ हिंसा को समाप्त करने के लिए ठोस, समन्वित और सामूहिक कार्रवाई अनिवार्य है।”

इस अवसर पर CEQUIN ने PVR अनुपम मार्केट कॉम्प्लेक्स में पूरे दिन विविध सार्वजनिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं जिनमें फ्लैश मॉब, सामूहिक गीत, नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, इंटरैक्टिव खेल, प्रदर्शनियाँ और समुदाय आधारित गतिविधियाँ शामिल थीं। कार्यक्रम का समापन गीतों और एकजुटता के कैंडल मार्च के साथ हुआ। 2023 से CEQUIN व अन्य समूह इस सार्वजनिक स्थान का उपयोग साझा नेतृत्व के मंच के रूप में कर रहे हैं, जिससे दलित, मुस्लिम, क्वियर, ट्रांस, विकलांग और अन्य हाशिये के समुदायों की आवाज़ों को अधिक दृश्यता और शक्ति मिल रही है।

CEQUIN की सह-संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक लोरा के. प्रभु ने कहा, “डिजिटल टेक्नोलॉजी ने जेंडर आधारित हिंसा के स्वरूप, प्रभाव और विस्तार को पूरी तरह बदल दिया है। AI और डिजिटल एल्गोरिद्म मानव व्यवहार को किस दिशा में ले जा रहे हैं, यह अभी भी शोध का विषय है, और इसी कारण TGBV के मामलों में वृद्धि स्पष्ट दिखाई दे रही है। यदि इन मुद्दों को लैंगिक दृष्टिकोण से नहीं समझा गया, तो महिलाओं, लड़कियों और जेंडर विविध समुदायों पर होने वाला भेदभाव और गहरा हो सकता है। इस जटिल चुनौती से निपटने के लिए संवेदनशील, तकनीकी और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।”

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