अमेरिका में भीषण आग की चपेट में आई 24 वर्षीय भारतीय छात्रा की मौत, 90% शरीर झुलसने से नहीं बच सकी जान

अमेरिका में भीषण आग की चपेट में आई 24 वर्षीय भारतीय छात्रा की मौत, 90% शरीर झुलसने से नहीं बच सकी जान

न्यूयॉर्क के अल्बानी शहर में घर में लगी आग में भारतीय छात्रा साहजा रेड्डी उडुमाला गंभीर रूप से झुलस गईं। 90% जलने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

06 दिसंबर 2025, नई दिल्ली

अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के अल्बानी शहर में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां घर में लगी भीषण आग की चपेट में आकर 24 साल की भारतीय छात्रा साहजा रेड्डी उडुमाला की मौत हो गई। घटना के बाद से भारतीय समुदाय में शोक की लहर है।

भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर साहजा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और बताया है कि वे लगातार परिवार के संपर्क में हैं और हर तरह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कैसे हुई घटना?

अल्बानी पुलिस के मुताबिक, घटना 4 दिसंबर की सुबह हुई जब एक घर में भयंकर आग लगने की सूचना मिली। दमकल और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन घर पूरी तरह आग की लपटों में घिर चुका था। अंदर कई लोग फंसे हुए थे।

राहत कर्मियों ने चार वयस्कों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सभी गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। इनमें से दो को बर्न सेंटर में भर्ती कराया गया। इसी दौरान एक महिला ने अपनी गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। बाद में परिजनों ने पुष्टि की कि वह साहजा रेड्डी उडुमाला थीं।

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साहजा का 90% शरीर जल चुका था

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि साहजा 90% तक जल चुकी थीं और उनके अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहे थे। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।

उनकी चचेरी बहन रत्ना गोपू ने गोफंडमी पर एक फंडरेजर शुरू किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि परिवार ने एक असहनीय त्रासदी का सामना किया है। साहजा न्यूयॉर्क में मास्टर्स की पढ़ाई कर रही थीं और बेहद होनहार, मिलनसार और सपनों से भरी युवती थीं।

फंडरेजर में जुटे 1 लाख डॉलर से ज्यादा

रत्ना ने फंडरेजर में बताया कि इस पैसे का उपयोग साहजा के अंतिम संस्कार, स्मृति समारोह, उनके पार्थिव शरीर को भारत भेजने और अन्य जरूरी खर्चों में किया जाएगा।
लक्ष्य 1,20,000 डॉलर रखा गया था, जिसमें से अब तक 1,09,000 डॉलर जुट चुके हैं।

दूतावास दे रहा पूरा सहयोग

भारतीय दूतावास ने कहा कि वे परिवार को कानूनी और प्रशासनिक मदद के साथ-साथ साहजा के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं।

यह घटना भारतीय छात्रों और प्रवासी समुदाय के लिए एक गहरी क्षति है। साहजा की कम उम्र में इस तरह मौत ने हर किसी को दुखी कर दिया है।

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