Japan में 72 घंटों में तीसरा भूकंप, ‘मेगाक्वेक’ की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट पर

Japan में 72 घंटों में तीसरा भूकंप, ‘मेगाक्वेक’ की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट पर

लगातार आए तीन तेज़ भूकंपों से Japanमें चिंता बढ़ी, मेगाक्वेक की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं

नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025

Japan पिछले कुछ दिनों से तेज़ भूकंपीय हलचलों से जूझ रहा है। 8 दिसंबर को आए सबसे बड़े झटके के बाद देश लगातार तीसरे भूकंप को झेल चुका है, जिससे उत्तरी तटीय इलाकों में चिंता और तैयारियों दोनों में तेजी आ गई है।

पहला और सबसे शक्तिशाली भूकंप

8 दिसंबर 2025 को संरिकू तट के पास 7.5–7.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने आओमोरी, इवाते और होक्काइडो क्षेत्रों में व्यापक कंपन महसूस कराए। भूकंप की गहराई करीब 44–54 किलोमीटर थी और झटके टोक्यो तक महसूस हुए।
इस दौरान विभिन्न जगहों पर गिरती वस्तुओं, टूटे कांच और भवनों में आई दरारों के कारण करीब 51–52 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
कुछ तटीय इलाकों में 60–70 सेंटीमीटर तक की छोटी सुनामी लहरें दर्ज की गईं। राहत की बात यह रही कि किसी भी परमाणु संयंत्र में कोई अनियमितता नहीं पाई गई।

72 घंटे में दो और भूकंप

पहले झटके के बाद अगले 3 दिनों में दो और भूकंप आए, जिसने लोगों की चिंता और बढ़ा दी।
इनमें से एक की तीव्रता करीब 6.5 थी, जिसकी गहराई लगभग 30 किलोमीटर मापी गई। यह विशेष रूप से पूर्वी आओमोरी और होक्काइडो में महसूस किया गया।
इसके तुरंत बाद एक और 5.7 तीव्रता का भूकंप आया, जो होंशू के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में दर्ज हुआ।
हालांकि बाद के भूकंपों के बाद सुनामी चेतावनी जारी नहीं की गई, लेकिन प्रशासन ने निगरानी और तैयारी को और मजबूत कर दिया है।

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‘मेगाक्वेक’ की दुर्लभ सलाह जारी

Japan मौसम विज्ञान एजेंसी ने इतने शक्तिशाली भूकंपों की श्रृंखला के बाद एक दुर्लभ ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ जारी की है।
इसमें 8 तीव्रता या उससे अधिक के संभावित भूकंप की संभावना को कम लेकिन बढ़ा हुआ बताया गया है।
यह चेतावनी होक्काइडो से लेकर चिबा प्रिफेक्चर तक 182 नगरपालिकाओं के लिए लागू की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह भविष्यवाणी नहीं बल्कि सावधानी है, ताकि लोग और प्रशासन तैयार रह सकें।

क्यों बढ़ी सावधानी?

भूविज्ञानियों का मानना है कि बड़े भूकंप के बाद जमीन के भीतर दाब में बदलाव होता है, जिससे आगे और बड़े झटके आने की संभावना बन सकती है।
पिछले दशकों में भी कई बड़े भूकंपों से पहले इसी तरह की हलचलें दर्ज की गई थीं।
सरकारी अध्ययन बताते हैं कि यदि होक्काइडो या संरिकू तट के पास ‘मेगाक्वेक’ हुआ, तो 30 मीटर तक की विशाल सुनामी, 2 लाख से अधिक इमारतों को नुकसान और लगभग 1.99 लाख तक हताहतों की आशंका हो सकती है।
इसी कारण इस सलाह को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

वर्तमान स्थिति और तैयारी

क्षेत्र में आफ्टरशॉक्स जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई नई सुनामी चेतावनी नहीं दी गई है।
स्कूलों को अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के साथ फिर से खोला गया है, और प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों को आपातकालीन किट तैयार रखने, भारी सामान सुरक्षित करने और निकासी मार्गों की जानकारी रखने की सलाह दी है।
हालांकि कई क्षेत्रों में जीवन सामान्य हो रहा है, लेकिन अधिकारियों ने सतर्कता जारी रखने को कहा है, क्योंकि भूकंपीय गतिविधि आगे भी जारी रह सकती है।

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