हंतावायरस को लेकर नई स्टडी, इंसान के शरीर में लंबे समय तक रह सकता है वायरस

हंतावायरस को लेकर नई स्टडी

नई दिल्ली: हंतावायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नई जानकारी दी है जिसमें कहा गया है कि यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक बना रह सकता है इसकी पूरी जानकारी अभी तक पता नहीं चल पाई है इसी विषय पर अब वैज्ञानिक लगातार रिसर्च कर रहे हैं।

वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बना हुआ है वायरस

हंतावायरस वैज्ञानिकों के लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है। HV Hondius क्रूज जहाज से जुड़े मामलों में कई लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आई थी। विशेषज्ञों के अनुसार Andes hantavirus दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में करीबी संपर्क के जरिए फैल सकता है।

कुछ रिसर्च में शरीर के तरल पदार्थों खासकर वीर्य में वायरस का RNA पाए जाने के संकेत मिले हैं जिससे संभावित यौन संक्रमण को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। इसके सभी तरीकों से फैलने की अभी पूरी पुष्टि नहीं हुई है। वैज्ञानिक अब भी यह जाने कि कोशिश रहे हैं कि यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रह सकता है।

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करीब 6 साल बाद भी वीर्य में मिला वायरस का RNA

विशेषज्ञों के अनुसार Andes hantavirus को लेकर कई रिसर्च चल रही हैं जिनका उद्देश्य यह समझना है कि वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक बना रह सकता है और कैसे फैलता है।

एक रिसर्च में संक्रमित व्यक्ति के वीर्य में लगभग 6 साल बाद भी वायरस का RNA पाया गया जबकि उसके खून, मूत्र और सांस लेने वाली नली में वायरस के निशान नहीं मिले।

वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर के कुछ हिस्से वायरस के लिए “immune privileged site” की तरह काम कर सकते हैं जहां इम्यून सिस्टम की पहुंच सीमित होती है।

हंतावायरस का अभी तक कोई ठोस इलाज नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस को लेकर कई रिसर्च जारी हैं और क्वारंटीन में रह रहे लोगों के नियमित सैंपल लेकर संक्रमण की निगरानी की जा रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हंतावायरस का अभी तक कोई ठोस इलाज नहीं है इसलिए इस पर हो रही रिसर्च को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/38005942

क्वारंटीन में लोगों की नियमित निगरानी जारी

अप्रैल में जब HV Hondius क्रूज जहाज पर वायरस फैलने की खबर सामने आई तब जहाज पर सवार यात्री और कर्मचारी दोनों प्रभावित हुए थे। इसके बाद स्वास्थ्य एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी। WHO और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संक्रमित लोगों के सैंपल की जांच की जा रही है। फिलहाल हंतावायरस का कोई specific approved इलाज उपलब्ध नहीं है जो की वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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