Gautam Gambhir: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि उनके लिए टीम सबसे पहले है — कोई सुपरस्टार नहीं, बस एक मजबूत टीम। जानिए उनकी कोचिंग फिलॉसफी, सूर्यकुमार की तारीफ और WTC फाइनल का बड़ा लक्ष्य।
नई दिल्ली: टीम इंडिया को तीसरा T20 वर्ल्ड कप दिलाने के बाद हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर चर्चा में हैं — लेकिन इस बार मैदान से बाहर, अपनी बेबाक बातों की वजह से। ANI के पॉडकास्ट में स्मिता प्रकाश से बातचीत में गंभीर ने अपनी कोचिंग फिलॉसफी खुलकर रखी और कई बड़े मुद्दों पर सीधे जवाब दिए।
ड्रेसिंग रूम में सब बराबर, चाहे जितने भी फॉलोअर हों
गंभीर ने बताया कि उनके लिए टीम के सभी 15 खिलाड़ी एक जैसे हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसी ने कितने रन बनाए हैं, उसके इंस्टाग्राम पर कितने फॉलोअर हैं, या वो कितनी TRP लाता है। उनके लिए बस एक सवाल मायने रखता है — खिलाड़ी टीम और देश के लिए क्या कर सकता है।
यही वजह है कि उन्होंने संजू सैमसन पर न्यूजीलैंड सीरीज में खराब फॉर्म के बाद भी भरोसा बनाए रखा। गंभीर ने कहा, “फॉर्म अस्थायी होती है, टैलेंट स्थायी होता है। जिस खिलाड़ी ने तीन T20I सेंचुरी मारी हों, उस पर शक करना ठीक नहीं।” और सैमसन ने इस भरोसे को सोने में तौला — पांच पारियों में 321 रन बनाए, टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर बने और विराट कोहली का 2014 वर्ल्ड कप रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
गंभीर की इस एक लाइन ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा — “मीडिया सुपरस्टार बनाना चाहता है, लेकिन मेरा काम सुपर टीम बनाना है।”
पिच डॉक्टरिंग के आरोपों पर गंभीर का पलटवार
कुछ लोग अक्सर आरोप लगाते हैं कि भारत घरेलू मैचों में पिचें अपने हिसाब से तैयार करवाता है। गंभीर ने इस पर कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने सीधे कहा कि ऐसी बातें सिर्फ विवाद और TRP के लिए की जाती हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी मुश्किल परिस्थितियों में भी 200+ का स्कोर बनाया है। वर्ल्ड कप में ICC की देखरेख में बनाई गई पिचों पर भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में 175 रन ठोके, जबकि उसी सतह पर बाकी टीमें 140 के आसपास सिमट रही थीं। गंभीर का जवाब था — “भारत इतनी मजबूत टीम है कि हमें इन सब चीजों के बारे में सोचने की जरूरत ही नहीं।”
एनालिटिक्स और डेटा
आजकल हर टीम में एनालिटिक्स और डेटा का बोलबाला है, लेकिन गंभीर इस मामले में थोड़े अलग हैं। उन्होंने साफ कहा कि वो डेटा से ज्यादा अपनी अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करते हैं। “अगर मेरी instinct कहती है यह सही फैसला है, तो मैं उस पर 100% कायम रहता हूं।”
यह अप्रोच थोड़ी पुरानी जरूर लगती है, लेकिन नतीजे बोलते हैं — गंभीर की कोचिंग में भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप, दोनों जीते।
धोनी की वो इंस्टाग्राम पोस्ट जिसने दिल जीत लिया
वर्ल्ड कप फाइनल के बाद एमएस धोनी ने इंस्टाग्राम पर लिखा — “Coach sahab, aapki muskaan aap par bahut achchi lagti hai।” इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया।
गंभीर ने बताया कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव इतना होता है कि चाहकर भी मुस्कुराना आसान नहीं होता। “भारत में उम्मीदें आसमान छूती हैं — डगआउट में बैठकर मुस्कुराना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि दांव पर बहुत कुछ लगा होता है।” लेकिन धोनी की इस बात ने उन्हें काफी अच्छा महसूस कराया।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी
गंभीर ने T20I कप्तान सूर्यकुमार यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि SKY एक “शानदार लीडर” हैं जो ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का रखते हैं, जिससे गंभीर खुद पूरी तरह रणनीति पर ध्यान दे पाते हैं।
सूर्यकुमार का कप्तानी रिकॉर्ड वाकई लाजवाब है — 52 मैचों में 42 जीत यानी 80.77% जीत का प्रतिशत, जो किसी भी T20I कप्तान का अब तक का सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड है। रोहित शर्मा का रिकॉर्ड भी अब पीछे रह गया।
अगला निशाना वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
ICC ट्रॉफियों की बात करें तो गंभीर की नजरें अब WTC 2025-27 फाइनल पर टिकी हैं। उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट मेरे दिल के बहुत करीब है।” भारत के अभी नौ टेस्ट मैच बाकी हैं इस साइकल में, और गंभीर ने वादा किया कि युवा खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट में पूरा मौका मिलता रहेगा।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल
ICC ट्रॉफियों की बात करें तो गंभीर की नजरें अब WTC 2025-27 फाइनल पर टिकी हैं। उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट मेरे दिल के बहुत करीब है।” भारत के अभी नौ टेस्ट मैच बाकी हैं इस साइकल में, और गंभीर ने वादा किया कि युवा खिलाड़ियों को लाल गेंद क्रिकेट में पूरा मौका मिलता रहेगा।
कीर्ति आजाद के बयान पर गंभीर का करारा जवाब
पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने टीम के अहमदाबाद के हनुमान मंदिर जाने पर सवाल उठाए और कहा कि क्रिकेट का धर्म से कोई लेना-देना नहीं। गंभीर ने इसे खिलाड़ियों का अपमान बताया।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह जीत उन 15 खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की है जिन्होंने रात-दिन मेहनत की — और उनकी भावनाओं पर इस तरह की टिप्पणी करना सरासर गलत है।
