आईसीएएन-8 का सफल समापन, वैश्विक सहभागिता के साथ सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर मंथन

आईसीएएन-8 में 7 देशों की भागीदारी, सस्टेनेबल फ्यूचर और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन

नोएडा, 21 अप्रैल 2026

दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) मीडिया स्कूल द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “आईसीएएन-8” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। “मीडिया फॉर पीपल एंड प्लैनेट: कम्युनिकेशन एंड इनोवेशन टुवर्ड्स सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स 2030” विषय पर आधारित इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स ने भाग लिया। इस दौरान वर्ष 2030 तक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) को हासिल करने में मीडिया और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन की भूमिका पर चर्चा की गई।

सम्मेलन का उद्घाटन डीएमई के नेल्सन मंडेला ऑडिटोरियम में हुआ। उद्घाटन सत्र में डीएमई के महानिदेशक न्यायमूर्ति भंवर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कॉन्फ्रेंस की दिशा तय करते हुए प्रेरणादायक विचार साझा किए।

इस अवसर पर भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर राधे श्याम राय ने भी मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और समावेशी विकास तथा सस्टेनेबल फ्यूचर के निर्माण में मीडिया की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। डीएमई की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) कोमल विग ने भी सभा को संबोधित करते हुए सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए अकादमिक डायलॉग की आवश्यकता पर जोर दिया।

उद्घाटन प्लेनरी सेशन में आईआईएमसी, नई दिल्ली की प्रो. (डॉ.) सुरभि दहिया, आईपी यूनिवर्सिटी की प्रो. (डॉ.) कुलवीन त्रेहान, वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सिन्हा और साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रो. (डॉ.) अम्बरीश सक्सेना ने मीडिया और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के संबंधों पर अपने विचार साझा किए।

इस सम्मेलन का आयोजन डीएमई के वाइस चेयरमैन अमन साहनी और वाइस चेयरमैन निश्ठा साहनी के मार्गदर्शन में किया गया। कॉन्फ्रेंस की रूपरेखा डीएमई मीडिया स्कूल की प्रमुख और आईसीएएन की संयोजक डॉ. पारुल मेहरा और सह-संयोजक डॉ. यामिनी खुल्लर ने तैयार की। सह-संयोजक डॉ. दिव्या रस्तोगी और चेतना शर्मा ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आईसीएएन-8 में दुनिया भर से 80 से अधिक रिसर्च पेपर प्राप्त हुए। इनमें श्रीलंका, अमेरिका, नाइजीरिया, बांग्लादेश, भूटान, चीन और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन का समापन इंटरनेशनल स्पीकर्स के विशेष सेशन के साथ हुआ, जिसमें प्रो. जतिन श्रीवास्तव, डॉ. न्गोजी ओकपारा, डॉ. एनी एफ. मैकलेनन और प्रो. (डॉ.) वजीहा रज़ा रिज़वी सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

सम्मेलन के दूसरे दिन डीएमई के डेवलपमेंट कम्युनिकेशन विशेषज्ञ ए. राजीव टिक्कू, आईओटीए वाटर के एजीएम (मार्केटिंग) अजीत कुमार सिंह और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कंवलजीत सिंह की उपस्थिति ने सत्रों को और समृद्ध बनाया। इस दौरान चार टेक्निकल ऑनलाइन सेशन आयोजित किए गए, जिनमें एनवायरनमेंट कम्युनिकेशन, सोशल जस्टिस, जेंडर इक्वालिटी और स्ट्रैटेजिक मीडिया प्रैक्टिसेज जैसे विषयों पर रिसर्च प्रस्तुत किए गए।

सम्मेलन का समापन वैलेडिक्टरी सेरेमनी के साथ हुआ। इस दौरान कॉन्फ्रेंस की प्रमुख उपलब्धियों और निष्कर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा प्रतिभागियों, आयोजकों और स्पीकर्स के योगदान की सराहना की गई। साथ ही अकादमिक कोलैबोरेशन को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव में मीडिया की भूमिका पर जोर दिया गया।

आईसीएएन-8 ने एक बार फिर साबित किया कि डीएमई मीडिया स्कूल अकादमिक एक्सीलेंस, ग्लोबल डायलॉग और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के मुद्दों पर सार्थक पहल के लिए प्रतिबद्ध है। यह कॉन्फ्रेंस न केवल नॉलेज शेयरिंग का मजबूत मंच बना, बल्कि एक बेहतर और समानतापूर्ण विश्व के निर्माण में मीडिया की ट्रांसफॉर्मेटिव भूमिका को भी स्थापित करता है

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