Cell Therapy यानी कोशिका थेरेपी आज के दौर में सबसे क्रांतिकारी इलाजों में से एक है। Stem Cell Therapy से लेकर India की अपनी CAR-T Therapy NexCAR19 तक — जानिए कैसे यह तकनीक असाध्य बीमारियों का इलाज कर रही है।
नई दिल्ली: अगर आपके शरीर की अपनी कोशिकाएं ही किसी गंभीर बीमारी से लड़ने का हथियार बन जाएं। यही है Cell Therapy यानी कोशिका थेरेपी का जादू। यह एक ऐसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति है जिसमें मरीज के शरीर में नई या संशोधित कोशिकाएं डाली जाती हैं ताकि क्षतिग्रस्त अंगों और टिशू को ठीक किया जा सके। जो बीमारियां कभी लाइलाज मानी जाती थीं, उन्हें भी अब इस तकनीक से चुनौती दी जा रही है। आइए आसान भाषा में समझते हैं इस क्रांतिकारी इलाज को।
स्टेम सेल थेरेपी (Stem Cell Therapy)
स्टेम सेल्स को अक्सर शरीर का “मास्टर सेल” कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि ये कोशिकाएं खुद को दोबारा बना सकती हैं और शरीर के किसी भी अंग की कोशिका में बदल सकती हैं — चाहे वो हड्डी हो, मांसपेशी हो, नर्व हो या लिवर।
स्टेम सेल थेरेपी में इन्हीं कोशिकाओं को शरीर के क्षतिग्रस्त हिस्से में इंजेक्ट किया जाता है जहाँ ये नए टिशू बनाकर उपचार की प्रक्रिया शुरू करती हैं। इस इलाज का उपयोग लिवर सिरोसिस, हृदय रोग, पार्किंसन्स, रीढ़ की हड्डी की चोट, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की बीमारियों और कुछ ऑटोइम्यून स्थितियों में किया जाता है।
भारत में Apollo, Max, और Stem Cell Care India जैसे प्रतिष्ठित केंद्रों पर यह थेरेपी उपलब्ध है। सबसे ज्यादा मान्यता प्राप्त और अनुमोदित रूप है Bone Marrow Transplant, जिसकी लागत बीमारी और अस्पताल के अनुसार आमतौर पर ₹7 लाख से ₹20 लाख के बीच होती है।
CAR-T सेल थेरेपी(CAR-T Cell Therapy)
CAR-T Cell Therapy इम्यूनोथेरेपी का एक अत्यंत उन्नत रूप है जिसे मुख्य रूप से ब्लड कैंसर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मरीज के खून से T-cells (प्रतिरक्षा कोशिकाएं) निकाली जाती हैं, फिर लैब में उन्हें जेनेटिकली बदला जाता है ताकि वो कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर नष्ट कर सकें। इसके बाद इन संशोधित कोशिकाओं को बड़ी मात्रा में तैयार कर दोबारा मरीज के शरीर में पहुँचाया जाता है।
यह थेरेपी खासतौर पर उन मरीजों के लिए कारगर है जिनका B-cell Lymphoma या Acute Lymphoblastic Leukaemia (ALL) मानक इलाज से ठीक नहीं हुआ।
NexCAR19 थेरेपी
भारत के लिए यह गर्व की बात है कि IIT Bombay की स्पिन-ऑफ कंपनी ImmunoACT ने NexCAR19 विकसित की है, जो दुनिया की पहली Humanized CAR-T Therapy है। CDSCO ने अक्टूबर 2023 में इसे मंजूरी दी और अप्रैल 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया।
NexCAR19 की कीमत लगभग $50,000 यानी करीब ₹40 लाख है, जो अमेरिका में इसी तरह की थेरेपी की तुलना में लगभग दस गुना कम है।
अभी यह थेरेपी भारत के 10 से अधिक शहरों के 30 से ज्यादा अस्पतालों में उपलब्ध है, जिनमें Tata Memorial Hospital, AIIMS, Apollo और Medanta शामिल हैं।
64 मरीजों पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल में लिम्फोमा के 68% और ल्यूकेमिया के 72% मरीजों ने इलाज के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दिखाई।
इलाज से पहले इन बातों का ध्यान रखें
Cell Therapy जितनी उम्मीद की किरण है, उतनी ही सावधानी भी माँगती है। CAR-T थेरेपी में Cytokine Release Syndrome (CRS) जैसे गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इलाज हमेशा CDSCO और ICMR से अनुमोदित केंद्रों पर ही कराएं और किसी प्रमाणित विशेषज्ञ की देखरेख में आगे बढ़ें। कुछ क्लीनिक बिना अनुमति के इलाज का दावा करते हैं — ऐसी जगहों से सावधान रहें।
