कोयला पेंशनभोगियों के लिए ₹10,000 न्यूनतम पेंशन और आईडीए लागू करने की मांग, कोल एम्प्लॉइज फोरम ने उठाई आवाज

कोयला पेंशनभोगियों के लिए ₹10,000 न्यूनतम पेंशन और आईडीए लागू करने की मांग

नई दिल्ली: कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से कई अहम मांगें की हैं। इनमें कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम (CMPFS-1971) और कोल माइंस पेंशन स्कीम (CMPS-1998) के तहत ₹10,000 न्यूनतम मासिक पेंशन शामिल है। इसके अलावा, संगठन ने इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) लागू करने की भी मांग उठाई। साथ ही, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मजबूत करने की अपील की।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में फोरम के अध्यक्ष बिमन मित्रा, संयुक्त महासचिव एम.ओ.यू. मुखर्जी, महासचिव चंचल बनर्जी और कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण कालवाला मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि संगठन एक गैर-राजनीतिक मंच है। वहीं, यह कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, सीएमपीएफओ (CMPFO) के पेंशनभोगियों और विधवा पेंशनभोगियों के हितों के लिए काम करता है।

21 हजार पेंशनभोगियों को ₹1,000 से भी कम पेंशन

फोरम का दावा है कि करीब 21,000 पेंशनभोगियों को ₹1,000 से भी कम मासिक पेंशन मिल रही है। वहीं, पुरानी योजना के तहत कई विधवा पेंशनभोगियों को केवल ₹320 प्रति माह पारिवारिक पेंशन मिलती है।

संगठन के अनुसार, दशकों से इन पेंशन राशियों में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है। इसके अलावा, इन्हें इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) से भी नहीं जोड़ा गया है। हालांकि, अन्य कई सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की पेंशन योजनाओं में महंगाई के अनुसार नियमित संशोधन किया जाता है।

47 हजार पेंशनभोगियों की पेंशन बंद होने का दावा

फोरम के मुताबिक, कोल इंडिया के लगभग छह लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी हैं। इनमें से करीब 4.76 लाख वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।

साथ ही, संगठन ने दावा किया कि लगभग 47,000 पेंशनभोगियों की पेंशन बंद हो चुकी है। इसकी वजह जीवन प्रमाण पत्र जमा न करना, जागरूकता की कमी और अन्य प्रक्रियागत दिक्कतें बताई गईं। इसलिए, फोरम ने CMPFO से जागरूकता अभियान चलाने और पेंशन बहाली की प्रक्रिया आसान बनाने की मांग की।

स्वास्थ्य सुविधाओं की भी उठाई मांग

फोरम ने कहा कि चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के पास कोल इंडिया का मेडिकल कार्ड नहीं है। नतीजतन, उन्हें इलाज कराने में कठिनाई होती है।

इसके अलावा, संगठन ने 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत या इसी तरह की स्वास्थ्य योजना में शामिल करने की मांग की। साथ ही, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पेंशनभोगियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

फोरम की प्रमुख मांगें

फोरम ने सरकार से ₹10,000 न्यूनतम मासिक पेंशन लागू करने की मांग की। इसके साथ ही, IDA के साथ नियमित पेंशन संशोधन की भी मांग रखी।

इसके अलावा, संगठन ने पेंशन निधि की एक्चुरियल समीक्षा और पारदर्शी ऑडिट कराने की अपील की। साथ ही, प्रक्रियागत कारणों से बंद हुई पेंशन बहाल करने और अन्य केंद्रीय सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के पेंशनभोगियों के समान लाभ देने की भी मांग की।

सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील

अंत में, फोरम ने कहा कि सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों ने देश के सबसे जोखिमपूर्ण उद्योगों में दशकों तक सेवा दी है। इसलिए, वे सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के हकदार हैं। संगठन ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने और आवश्यक पेंशन सुधार लागू करने की अपील की।

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