तेलुगू सिनेमा के दिग्गज अभिनेता गोपीचंद की 33वीं फिल्म का नाम सामने आ गया है — Bharata Varsha – Saga of Shula । 13 अप्रैल 2026 को जारी हुए टाइटल ग्लिम्पस ने दर्शकों के दिलों में जबरदस्त उत्साह भर दिया
नई दिल्ली: तेलुगू फिल्म जगत के करोड़ों दर्शकों के लिए 13 अप्रैल 2026 का दिन काफी खास रहा। अभिनेता गोपीचंद की बहुप्रतीक्षित 33वीं फिल्म, जिसे अब तक ‘गोपीचंद 33’ के नाम से जाना जा रहा था, का असली नाम आखिरकार दुनिया के सामने आ गया — भारत वर्ष – शूल की गाथा (Bharata Varsha – Saga of Shula)। फिल्म के निर्माताओं ने आज इसका शानदार टाइटल ग्लिम्पस रिलीज़ किया, और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह छा गया।
642 ईस्वी की अनकही वीरगाथा
फिल्म का यह ग्लिम्पस दर्शकों को सीधे 642 ईस्वी की उस रहस्यमयी भूमि ‘शूल’ में ले जाता है, जिसकी कहानी इतिहास के पन्नों में कहीं दब गई थी। भव्य युद्ध के दृश्य, धधकती तलवारें, और मैदान-ए-जंग की गर्जना — सब कुछ इतना असली और जीवंत लगता है कि देखने वाला कुछ पल के लिए खुद उस युग में पहुँच जाता है।
गोपीचंद का रूप इस बार बिल्कुल अलग है — घनी दाढ़ी, मजबूत काया, आँखों में आग। वे एक ऐसे योद्धा की भूमिका में हैं जो न सिर्फ तलवार उठाता है बल्कि एक पूरी क्रांति की नींव रखता है। यह अवतार उनके करियर का सबसे दमदार लुक माना जा रहा है।
रितु वर्मा भी निभाएंगी एक सशक्त योद्धा की भूमिका
इस ऐतिहासिक गाथा में गोपीचंद के साथ अभिनेत्री रितु वर्मा भी एक ताकतवर और साहसी किरदार में नज़र आएंगी। ग्लिम्पस में उनकी झलक ने साफ कर दिया कि यह फिल्म सिर्फ एक मर्दाना एक्शन ड्रामा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण महाकाव्य होगी जिसमें हर किरदार की अपनी अलग पहचान होगी।
तकनीकी टीम
- निर्देशक: संकल्प रेड्डी — राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार, जो ‘घाज़ी अटैक’ जैसी क्रांतिकारी फिल्म दे चुके हैं
- निर्माता: श्रीनिवासा चित्तूरी (श्रीनिवासा सिल्वर स्क्रीन), प्रस्तुति: पवन कुमार
- संगीत: अनुदीप देव — जिनका बैकग्राउंड स्कोर ग्लिम्पस में रोंगटे खड़े कर देता है
- छायांकन: सौंदर राजन — जिनके कैमरे ने उस युग की भव्यता को जीवंत कर दिया है
- एक्शन निर्देशन: वेंकट मास्टर और उनकी टीम
- प्रोडक्शन डिज़ाइन: छिन्ना
25 दिन की रात्रि शूटिंग
यह फिल्म अभी पोस्ट-प्रोडक्शन के दौर में है, लेकिन जो बात इसे और खास बनाती है वो है इसकी शूटिंग की कहानी। फिल्म के क्लाइमेक्स के लिए लगातार 25 दिनों तक रात में शूटिंग की गई — यह अपने आप में इस टीम के जुनून और लगन की मिसाल है। गोपीचंद की यह फिल्म उनके करियर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर मचा तूफान
ग्लिम्पस रिलीज़ होते ही #BharataVarsha और #Gopichand33 ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे। फैन्स ने जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं — किसी ने योद्धा वाले लुक की तारीफ की, तो किसी ने संस्कृत से जुड़े इस शीर्षक को ‘प्राचीन भारत की एकता और गौरव का प्रतीक’ बताया। कई सिनेप्रेमियों का कहना है कि यह फिल्म साउथ इंडियन सिनेमा में ऐतिहासिक ड्रामा की परिभाषा बदल सकती है।
टाइटल ग्लिम्पस का यह सफर एक तीव्र और उत्तेजक नोट पर खत्म होता है, जो दर्शकों को और ज्यादा देखने के लिए बेताब कर देता है। पोस्ट-प्रोडक्शन के जारी रहने के साथ, ट्रेलर और आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है। 2026 में थिएटर में धमाकेदार रिलीज़ का अनुमान है।
‘भारत वर्ष – शूल की गाथा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, यह इतिहास के एक भूले-बिसरे अध्याय को सिनेमा के बड़े पर्दे पर जीवंत करने का एक साहसी प्रयास है। और जिस तरह का जोश इस ग्लिम्पस ने जगाया है, उससे साफ है — यह फिल्म आने से पहले ही दिलों पर राज करने लगी है।
