नीतीश कुमार के जमुई बयान से बिहार में सियासी हलचल तेज। क्या सम्राट चौधरी होंगे अगले CM? जानें पूरा मामला और NDA की रणनीति।
नई दिल्ली:बिहार की राजनीति में एक बार फिर उत्तराधिकारी की चर्चा गरमा गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (18 मार्च 2026) को समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के दौरान जमुई पहुंचकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर ऐसा इशारा दिया है, जिसे ‘अगले CM’ का संदेश माना जा रहा है। मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए नीतीश कुमार ने लोगों से उनके समर्थन में हाथ उठवाए और साफ कहा- “अब सब काम यह (सम्राट) करेंगे” या “आगे यही सब काम करेंगे/देखेंगे”।
यह घटना जमुई जिले के लछुआड़ में समृद्धि यात्रा कार्यक्रम के दौरान हुई। मंच पर नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। नीतीश ने सम्राट की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये लोग कितना काम कर रहे हैं और आगे भी यही सब देखेंगे। इस दौरान महिलाएं भाषण सुनते-सुनते उठकर जाने लगीं, तो नीतीश ने मंच से ही उन्हें टोका- “काहे भाग रही हो… तुम्हीं लोगों के लिए काम हो रहा है। बैठो और सुनो।”
क्या है नीतीश का मैसेज? सम्राट चौधरी अगले CM?
नीतीश कुमार का यह बयान और इशारा बिहार की सियासत में तूफान खड़ा कर रहा है। सवाल उठ रहे हैं- क्या नीतीश ने सम्राट चौधरी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया? क्या सम्राट ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे? राजनीतिक विश्लेषक इसे नीतीश की पहली पसंद बताते हुए कह रहे हैं कि यह संकेत BJP के मजबूत नेता सम्राट चौधरी (जो OBC चेहरा भी हैं) को आगे बढ़ाने का है।
यह पहली बार नहीं है। कुछ दिन पहले कटिहार में समृद्धि यात्रा के दौरान भी नीतीश ने सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाई थी और उनके काम की तारीफ की थी। अब जमुई में कंधे पर हाथ रखकर दिए गए इस संकेत को ‘स्पष्ट मैसेज’ माना जा रहा है।
राज्यसभा जाने की तैयारी, CM पद छोड़ने का काउंटडाउन
नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। उनका टर्म 10 अप्रैल 2026 के बाद शुरू होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अप्रैल में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा और इसकी पूरी संभावना है कि इस बार BJP का मुख्यमंत्री बनेगा। सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। नीतीश का यह बयान इसी ट्रांजिशन को मजबूत करने वाला है।
विकास कार्यों पर फोकस, कुंडघाट जलाशय का उद्घाटन
समृद्धि यात्रा के तहत नीतीश कुमार ने जमुई में विकास पर जोर दिया। उन्होंने 17-18 साल से लंबित कुंडघाट (कुंड घाट) जलाशय परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया। यह परियोजना 2008 में नीतीश कुमार ने ही शिलान्यास की थी। अब यह किसानों के लिए वरदान साबित होगी- हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी।
जमुई में कुल ₹914 करोड़ की 370 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया:
181 योजनाओं का लोकार्पण (₹602 करोड़)
189 योजनाओं का शिलान्यास (₹312 करोड़)
इनमें सड़क, पुल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। नीतीश ने कहा कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य के 21 जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे।
उसके बाद नवादा में भी कार्यक्रम था, जहां ₹299 करोड़ की योजनाएं दी गईं। दोनों जिलों में कुल ₹1,213 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई के बदलते स्वरूप की सराहना की और कहा कि यह ‘विकसित बिहार’ की दिशा में बड़ा कदम है।
समृद्धि यात्रा का चौथा चरण जारी
समृद्धि यात्रा का चौथा चरण 8 जिलों को कवर कर रहा है। नीतीश दिल्ली (राज्यसभा) जाने से पहले इन दौरों को काफी अहम बता रहे हैं। केंद्रीय सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
सियासी हलचल और भविष्य
नीतीश कुमार का यह इशारा NDA गठबंधन की अंदरूनी रणनीति से भी जुड़ा माना जा रहा है। BJP की ओर से पहले ही कहा गया है कि अगला CM ‘कोई और’ होगा। अब सम्राट चौधरी को लेकर नीतीश का लगातार समर्थन इसे पुख्ता कर रहा है। हालांकि, नीतीश के बेटे निशांत कुमार और अन्य नेताओं के नाम भी दावेदारों में चर्चा में हैं।
बिहार की जनता अब इंतजार कर रही है कि अप्रैल में क्या होता है। नीतीश का जमुई वाला यह बयान न सिर्फ विकास का, बल्कि सत्ता हस्तांतरण का भी बड़ा संदेश बन गया है।
