AI से हेल्थ सलाह लेना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

AI से हेल्थ सलाह लेना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लोग पढ़ाई, काम और मनोरंजन के साथ-साथ अब अपनी सेहत से जुड़े सवालों के जवाब भी AI से लेने लगे हैं। आसान और तुरंत जवाब मिलने की वजह से AI पर लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है।

हालांकि हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इस बढ़ते ट्रेंड को लेकर चिंता जताई है। British Medical Journal में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हेल्थ से जुड़ी सलाह के लिए AI पर पूरी तरह निर्भर रहना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

रिसर्च में क्या सामने आया

इस रिसर्च में कई लोकप्रिय AI चैटबॉट्स का परीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि उनके द्वारा दी गई मेडिकल जानकारी हर बार सटीक नहीं थी। कई मामलों में जवाब अधूरे थे, तो कुछ जगहों पर सलाह मरीज की स्थिति के हिसाब से सही नहीं बैठती थी।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि AI कई बार गलत जानकारी को भी पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे यूज़र को यह लगता है कि उसे सही सलाह मिल रही है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के केवल AI के आधार पर इलाज या दवा लेना शुरू कर दे, तो यह उसकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

AI से खतरा क्यों हो सकता है

दरअसल, AI एक मशीन है जो पहले से उपलब्ध डेटा के आधार पर जवाब देता है। यह इंसान की तरह सोचने या किसी व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री समझने में सक्षम नहीं है। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है और बीमारी के लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन AI इन बारीकियों को हमेशा सही तरीके से नहीं समझ पाता। यही वजह है कि हेल्थ जैसे संवेदनशील विषय में इसकी सीमाएं साफ नजर आती हैं। कई बार यह अनुमान के आधार पर जवाब देता है, जो हर स्थिति में सही नहीं होता।

क्या AI पूरी तरह गलत है

हालांकि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि AI पूरी तरह गलत या बेकार है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह काफी मददगार साबित हो सकता है। AI किसी बीमारी के बारे में सामान्य जानकारी देने, लक्षणों को समझाने और डॉक्टर से पूछे जाने वाले सवाल तैयार करने में उपयोगी हो सकता है। लेकिन समस्या तब होती है जब लोग इसे डॉक्टर का विकल्प मान लेते हैं और बिना विशेषज्ञ की सलाह के निर्णय लेने लगते हैं।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी यही मानते हैं कि AI को एक सपोर्ट टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि अंतिम निर्णय लेने के साधन के रूप में। डॉक्टर मरीज की पूरी जांच, मेडिकल हिस्ट्री और वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखकर ही सही इलाज तय करते हैं, जो किसी भी AI के लिए संभव नहीं है। इसलिए केवल AI के भरोसे इलाज करना समझदारी नहीं है।

क्यों बढ़ रहा है AI पर भरोसा

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग जल्दी और आसान समाधान चाहते हैं। डॉक्टर के पास जाने में समय और खर्च दोनों लगता है, जबकि AI तुरंत जवाब दे देता है। यही कारण है कि लोग इसकी ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन यह सुविधा कभी-कभी जोखिम में भी बदल सकती है, खासकर तब जब बात सेहत की हो।

अंत में यही कहा जा सकता है कि AI तकनीक हमारे लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसका इस्तेमाल समझदारी से करना जरूरी है। British Medical Journal की इस रिसर्च ने साफ कर दिया है कि हेल्थ से जुड़े मामलों में केवल AI पर निर्भर रहना सही नहीं है। बेहतर यही होगा कि AI से मिली जानकारी को केवल सामान्य मार्गदर्शन के रूप में लें और किसी भी गंभीर स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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